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जगत को मलयेशिया के भारतीय दूतावास में मिली शरण

Sun, 29 Jan 2017 10:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 29 Jan 2017 10:12 PM IST
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World found refuge in the embassy of Malaysia
जगत को मलयेशिया के भारतीय दूतावास में मिली शरण - फोटो : अमर उजाला
होटल मालिक के चुंगल से छूटकर जगत ने मलयेशिया स्थित भारतीय दूतावास में शरण ली है। पत्नी नीलम बिष्ट का कहना है कि जगत सिंह से फोन से संपर्क हो रहा है। भारतीय दूतावास में उन्हें भोजन और अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन जगत विदेश में अपने को अकेला महसूस कर रहे हैं।
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होटल मालिक ने दो महीने का वेतन नहीं दिया और वीजा परमिट की रकम काट ली है। नीलम का कहना है कि डीएम डा. अहमद इकबाल ने भी 27 जनवरी को फोन पर जानकारी हासिल की है। प्रशासन की ओर से विदेश मंत्रालय को जानकारी दे दी गई है। मामला विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संज्ञान में है।
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मूल रूप से चौमेल खेती गांव के जगत सिंह बच्चों की पढ़ाई के लिए लोहाघाट हथरंगिया में किराए के मकान में रहते थे। तीन वर्ष पहले जगत मलयेशिया में नौकरी के लिए गए थे। वहां वह एक होटल में काम करते थे। बीती 13 जनवरी को उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी। तब से होटल मालिक ने वीजा और पासपोर्ट जब्त कर उन्हें बंधक बनाया लिया था। वह किसी तरह होटल मालिक के चुंगल से छूटकर मलयेशिया में भारतीय दूतावास पहुंच गए हैं।
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जगत सिंह के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा रोहित बिष्ट (17) जीआईसी में इंटर का छात्र है, जबकि छोटा बेटा चंचल (15) विवेकानंद विद्या मंदिर में दसवीं का छात्र है। पिता को बंधक बनाए जाने की खबर से दोनों परेशान हैं।
 
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