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काम को मिला नाम और सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:28 PM IST
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फौजी बृजेश बिष्ट को सम्मानित करते कर्नल धीरज कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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अपने दम पर तंत्र को आइना दिखाने वाले पूर्व फौजी बृजेश बिष्ट के काम को धीरे-धीरे मान्यता मिलने लगी है। अकेले श्रमदान कर 1.20 किलोमीटर सड़क काटकर उन्होंने अपने गांव को पैदल जाने की बेबसी से छुटकारा दिलाया। फौजी के जज्बे की सराहना करते हुए अमर उजाला ने इस संबंध में 20 नवंबर 2017 को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अब फौज ने भी अपने पूर्व फौजी का हौसला बढ़ाया है। पूर्व फौजी को पिथौरागढ़ में 2017 की विदाई से महज तीन दिन पूर्व एक लाख रुपये का पुरस्कार और प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया।
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लोहाघाट तहसील के मझेड़ा ग्राम पंचायत के पुष्पनगर तोक को आजादी के सात दशक से सड़क का इंतजार था। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से पुष्पनगर तोक की दूरी भी बमुश्किल सवा किलोमीटर थी, लेकिन इस फासले को पाटने में लंबा वक्त लग गया। वह भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मेरा गांव-मेरी सड़क या किसी अन्य योजना से नहीं, बल्कि पूर्व फौजी बृजेश बिष्ट के श्रमदान से। फौजी बृजेश ने अकेले दम पर करीब पांच महीने में पैदल चलने वाले मार्ग को करीब सात फीट चौड़ा बनाया।
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सेना की मध्य कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल बलवंत नेगी को पूर्व फौजी के असाधारण कारनामे की जानकारी मिली। उन्होंने फौजी बृजेश की हौसला अफजाई के लिए प्रशंसा पत्र और एक लाख रुपये का चेक भेजा, जिसे पिछले साल 29 दिसंबर को पिथौरागढ़ में हुए सैनिक सम्मेलन में 3 कुमाऊं रेजीमेंट के कर्नल धीरज कुमार ने बृजेश बिष्ट को दिया।
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सम्मान पाकर खुश हूं। सेवानिवृत्ति के बाद मिला सम्मान मेरे लिए असाधारण सौगात है। इससे एक बार फिर से मेरे भीतर फौजी जैसा जोश पैदा हुआ है। समाज की बेहतरी के लिए आगे भी काम करता रहूंगा।
- बृजेश बिष्ट, श्रमदान करने वाले पूर्व फौजी।
और चौड़ी करनी है सड़क
श्रमदान करने वाले पूर्व फौजी बृजेश बिष्ट का कहना है कि अब उनका इरादा सात फीट चौड़ी इस सड़क को और अधिक बेहतर करना है। पहले चौड़ीकरण के लिए प्रशासन से आग्रह करेंगे। अगर मदद न मिली तो खुद ही इसे चौड़ी करने का बीड़ा उठाएंगे।