{"_id":"595fc01a4f1c1bdb3c8b4575","slug":"warning-boards-are-not-engaged-in-many-dangerous-places","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे वाली कई जगहों में नहीं लगे हैं चेतावनी बोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे वाली कई जगहों में नहीं लगे हैं चेतावनी बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Fri, 07 Jul 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
नदी में बही कार को निकालते एसडीआरएफ के जवानों
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग पर बृहस्पतिवार को एक कार उफनती नदी में बह गई। चालक की जान तो बच गई, लेकिन कार को काफी नुकसान हुआ। इस मार्ग पर बरसात में खतरे वाले कई जगहों पर प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
चंपावत-मंच- तामली मोटर मार्ग पर मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर बने कॉजवे में गंडक नदी का पानी करीब दो फीट तक पहुंच गया था। एकाएक कॉजवे के ऊपर से पानी बहने से कॉजवे की सही स्थिति का अंदाज लगाना कठिन हो रहा था। बरदोली गांव के आनदेव शर्मा को अपने घर जाने को इस उफनते कॉजवे को पार करना था। बरसात में कॉजवे से गुजरने के खतरे की जानकारी देने के लिए रोड प्रशासन की ओर से यहां साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है। इस मार्ग पर खतरे वाले अन्य कई जगहों पर भी चेतावनी देने वाले साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
जिले में विभिन्न खतरे वाले जगहों में सावधानी बरतने का सुझाव देने वाले साइन बोर्ड लगाने के निर्देश प्रशासन की ओर से संबंधित संस्थाओं को दिए गए थे। सीएमटी रोड पर कॉजवे वाले हिस्से में साइन बोर्ड क्यों नहीं लगा, इसका पता किया जाएगा। साथ ही उस स्थान पर साइनबोर्ड लगाया जाएगा।
विज्ञापन
मनोज पांडेय,
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी चंपावत।
एसडीआरएफ ने नदी से निकाली कार
चंपावत। बृहस्पतिवार को कॉजवे से बह पर गंडक नदी में समाई कार को राज्य आपदा राहत फोर्स (एसडीआरएफ) ने निकाल लिया। एसडीआरएफ कर्मी मोहन सिंह, शेखर महर, मोहन बिनवाल, दीपक भट्ट व धन सिंह ने रस्से के सहारे कार को निकाला। जबकि कार सवार बरदोली गांव के आनदेव शर्मा कार के नदी में बहने से पहले ही कूद कर जान बचाने में सफल रहे थे।
विज्ञापन
चंपावत-मंच- तामली मोटर मार्ग पर मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर बने कॉजवे में गंडक नदी का पानी करीब दो फीट तक पहुंच गया था। एकाएक कॉजवे के ऊपर से पानी बहने से कॉजवे की सही स्थिति का अंदाज लगाना कठिन हो रहा था। बरदोली गांव के आनदेव शर्मा को अपने घर जाने को इस उफनते कॉजवे को पार करना था। बरसात में कॉजवे से गुजरने के खतरे की जानकारी देने के लिए रोड प्रशासन की ओर से यहां साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है। इस मार्ग पर खतरे वाले अन्य कई जगहों पर भी चेतावनी देने वाले साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
विज्ञापन
जिले में विभिन्न खतरे वाले जगहों में सावधानी बरतने का सुझाव देने वाले साइन बोर्ड लगाने के निर्देश प्रशासन की ओर से संबंधित संस्थाओं को दिए गए थे। सीएमटी रोड पर कॉजवे वाले हिस्से में साइन बोर्ड क्यों नहीं लगा, इसका पता किया जाएगा। साथ ही उस स्थान पर साइनबोर्ड लगाया जाएगा।
विज्ञापन
मनोज पांडेय,
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी चंपावत।
एसडीआरएफ ने नदी से निकाली कार
चंपावत। बृहस्पतिवार को कॉजवे से बह पर गंडक नदी में समाई कार को राज्य आपदा राहत फोर्स (एसडीआरएफ) ने निकाल लिया। एसडीआरएफ कर्मी मोहन सिंह, शेखर महर, मोहन बिनवाल, दीपक भट्ट व धन सिंह ने रस्से के सहारे कार को निकाला। जबकि कार सवार बरदोली गांव के आनदेव शर्मा कार के नदी में बहने से पहले ही कूद कर जान बचाने में सफल रहे थे।