{"_id":"ae7d98754dff34a1fd38ffc6e3fdbc24","slug":"uttarayani-fair-dressed-for-putting-gandhi-maidan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तरायणी मेले के लिए सजने लगा गांधी मैदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तरायणी मेले के लिए सजने लगा गांधी मैदान
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
Updated Wed, 13 Jan 2016 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरायणी मेले के लिए शहर का गांधी मैदान सजने लगा है। शुक्रवार से मेला शुरू होगा। इस मौके पर छोलिया नृत्य और भव्य कलश यात्रा निकालेगी। मेलेे का शुभारंभ समाजसेवी जिला पंचायत के पूर्व सदस्य कैलाश गहतोड़ी करेंगे।
विज्ञापन
क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चंद ने बताया कि 15 जनवरी को मेले के उद्घाटन अवसर पर सुबह साढ़े नौ बजे शारदा घाट से छोलिया नृत्य और झांकियां के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली जाएंगी। दोपहर बारह बजे उद्घाटन होगा। इसके बाद प्रतिभा सम्मान, दोपहर ढाई बजे से टनकपुर-बनबसा के सब जूनियर और जूनियर स्कूूली बच्चों की एकल एवं ग्रुप सांस्कृतिक प्रतियोगिता होगी। शाम छह बजे से सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम किए जाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मेले में बच्चों के मनोरंजन के साधन, हवाई झूले, मिक्की माउस, स्वादिष्ट पर्वतीय और अन्य व्यंजनों के स्टाल भी लगाए गए हैं। 16 जनवरी को दोपहर ढाई बजे से मेला शुरू होगा। चार बजे से स्थानीय कलाकारों के एकल एवं ग्रुप कार्यक्रम और शाम छह बजे से बाहर से आए सांस्कृतिक कलाकारों के दल रंगारंग प्रस्तुति देंगे। रात दस बजे लक्की ड्रा के साथ मेले का समापन होगा।
विज्ञापन
आज से शुरू होगा उत्तरायणी मेला
बनबसा (चंपावत)। एलायंस क्लब के द्वितीय उत्तरायणी मैत्री मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. कैप्टन करम चंद मिनी स्टेडियम में होने वाले मेले में बच्चों के लिए झूले लगाए जा चुके हैं। मेला चेयरमैन त्रिलोक सोराड़ी ने बताया कि चार दिनी मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बताया कि भारत-नेपाल की संस्कृतियों को साझा करने के साथ ही मेले में स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल भी लगाए जा रहे हैं। क्लब सचिव कै. हरीश कापड़ी ने बताया कि उत्तरायणी मेले के तहत मकरसंक्रांति पर्व और नववर्ष आगमन का स्वागत करते हुए देश की विभिन्न संस्कृतियों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। बताया कि चार दिनों तक होने वाले मेले का खर्च पूरी तौर पर क्लब सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। कुछ प्रायोजकों द्वारा भी सहयोग मिल रहा है।