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फर्जी प्रमाणपत्र पर नपा ग्राम प्रधान, मुकदमा दर्ज
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लोहाघाट (चंपावत)। मडलक के ग्राम प्रधान का हाईस्कूल के प्रमाणपत्र प्रथम दृष्ट्या फर्जी पाया गया है। पुलिस ने आरोपी प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी प्रधान भाजपा का लोहाघाट ग्रामीण मंडल अध्यक्ष भी है। आरोपी ने नामांकन पत्र में 1998 में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कर्ण छपरा के नरहरि बाबा इंटर कॉलेज से हाईस्कूल करने का प्रमाणपत्र लगाया था।
अक्तूबर 2019 में हुए पंचायती चुनाव में मडलक के प्रधान प्रत्याशी भुवन चंद्र भट्ट पर हाईस्कूल का फर्जी प्रमाणपत्र लगाने का आरोप उनके प्रतिद्वंदी लक्ष्मीदत्त पांडेय ने लगाया था। लक्ष्मीदत्त ने प्रधान को निष्कासित करने की मांग के साथ ही कार्रवाई के लिए एसडीएम की अदालत में वाद भी दायर किया था।
एसडीएम की अदालत ने याचिका को देरी से प्रस्तुत करने के चलते निरस्त कर दिया था नियमानुसार याचिका नतीजा घोषित होने के 90 दिन में लगाया जाना जरूरी है। लक्ष्मीदत्त पांडेय ने इस साल मार्च में पंचेश्वर कोतवाली में फर्जी प्रमाणपत्र की शिकायत की। कोतवाल दीवान सिंह ग्वाल ने बताया कि पुलिस ने जांच के लिए कर्णछपरा के नरहरि बाबा इंटर कॉलेज टीम भेज जांच की, तो कॉलेज प्रशासन ने 1998 में इस नाम के व्यक्ति द्वारा हाईस्कूल नहीं किए जाने की बात कही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 466, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल ग्वाल मामले की जांच कर रहे हैं।
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चुनाव के लिए जरूरी थी हाईस्कूल की पात्रता
लोहाघाट (चंपावत)। 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में पहली बार अनारक्षित सीट के प्रत्याशियों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल रखी गई थी। इस मामले में शिकायत करने वाले लक्ष्मीदत्त पांडेय का कहना है कि भुवन चंद्र भट्ट ने इस न्यूनतम योग्यता को पूरा कर पात्रता के लिए फर्जी प्रमाणपत्र का सहारा लिया। वे चुनाव में एक वोट से जीत भी गए। अब प्रधानी जाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई का भी खतरा बढ़ गया है। इधर डीपीआरओ सुरेश बेनी का कहना है कि अभी यह मामला विभाग के पास नहीं पहुंचा है।
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अक्तूबर 2019 में हुए पंचायती चुनाव में मडलक के प्रधान प्रत्याशी भुवन चंद्र भट्ट पर हाईस्कूल का फर्जी प्रमाणपत्र लगाने का आरोप उनके प्रतिद्वंदी लक्ष्मीदत्त पांडेय ने लगाया था। लक्ष्मीदत्त ने प्रधान को निष्कासित करने की मांग के साथ ही कार्रवाई के लिए एसडीएम की अदालत में वाद भी दायर किया था।
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एसडीएम की अदालत ने याचिका को देरी से प्रस्तुत करने के चलते निरस्त कर दिया था नियमानुसार याचिका नतीजा घोषित होने के 90 दिन में लगाया जाना जरूरी है। लक्ष्मीदत्त पांडेय ने इस साल मार्च में पंचेश्वर कोतवाली में फर्जी प्रमाणपत्र की शिकायत की। कोतवाल दीवान सिंह ग्वाल ने बताया कि पुलिस ने जांच के लिए कर्णछपरा के नरहरि बाबा इंटर कॉलेज टीम भेज जांच की, तो कॉलेज प्रशासन ने 1998 में इस नाम के व्यक्ति द्वारा हाईस्कूल नहीं किए जाने की बात कही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 466, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल ग्वाल मामले की जांच कर रहे हैं।
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चुनाव के लिए जरूरी थी हाईस्कूल की पात्रता
लोहाघाट (चंपावत)। 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में पहली बार अनारक्षित सीट के प्रत्याशियों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल रखी गई थी। इस मामले में शिकायत करने वाले लक्ष्मीदत्त पांडेय का कहना है कि भुवन चंद्र भट्ट ने इस न्यूनतम योग्यता को पूरा कर पात्रता के लिए फर्जी प्रमाणपत्र का सहारा लिया। वे चुनाव में एक वोट से जीत भी गए। अब प्रधानी जाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई का भी खतरा बढ़ गया है। इधर डीपीआरओ सुरेश बेनी का कहना है कि अभी यह मामला विभाग के पास नहीं पहुंचा है।