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विजय संकल्प यात्रा के बाद भाजपा में रस्साकशी तेज
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Tug in BJP intensifies after Vijay Sankalp Yatra
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चंपावत। बुधवार को हुई विजय संकल्प यात्रा की कामयाबी से भाजपा जोश में है लेकिन पार्टी में टिकट को लेकर रस्साकशी भी सड़क पर आ गई है। रैली से एक दिन पहले मंगलवार रात पोस्टर, होर्डिंग फाड़ने से माहौल गर्मा गया था। वहीं रैली के दौरान दो गुटों के बीच जमकर हुई नारेबाजी के बाद भी हलचल बनी रही।
चंपावत में बुधवार को हुई विजय संकल्प यात्रा के दौरान विधायक कैलाश गहतोड़ी और भाजपा नेता गोविंद सामंत के समर्थकों के बीच टकराव की नौबत आते-आते बची। अपने-अपने नेता के समर्थन में बढ़चढ़ कर नारे लगाने से गुटबाजी खुलकर सामने आई। दूसरी तरफ संगठन के पदाधिकारी इसे गुटबाजी के बजाय कार्यकर्ताओं के उत्साह बता रहे हैं।
भाजपा में 40 प्रतिशत टिकट कटने की चर्चा के बीच इस जिले में सीटिंग-गेटिंग के फार्मूले को लेकर गंभीर सवाल है। इसी के मद्देनजर चंपावत सीट से विधायक कैलाश गहतोड़ी को जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट शंकर दत्त पांडेय, सुभाष बगौली, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत और पूर्व चेयरमैन प्रकाश तिवारी कड़ी चुनौती दे रहे हैं। लोहाघाट सीट पर दो बार के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र सिंह लडवाल चुनौती दे रहे हैं। जिला पंचायत और सभी तीनों ब्लॉकों में फर्त्याल के करीबियों का काबिज होना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अलबत्ता टिकट पाने की हसरत पूरा करने के लिए ये तमाम नेता प्रदेश संगठन तक अपना संदेश पहुंचा रहे हैं।
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पांडेय के बयान से लोग भी अचरज में
चंपावत। सियासत में अक्सर ऐसा होता नहीं है कि चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले ही टिकट का ऐलान कर दिया जाए लेकिन दो मंत्रियों और एक सांसद की मौजूदगी में जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय ने दोनों सीटों से सीटिंग विधायकों को टिकट मिलने की बात कह कार्यकर्ताओं को ही नहीं, आम लोगों को भी अचरज में ला दिया। दरअसल प्रत्याशियों के नाम तय करने के लिए हर पार्टी में संसदीय बोर्ड होता है। ऐसे में ये बयान चौंकाता है। जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक से इस संबंध में जब उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
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चंपावत में बुधवार को हुई विजय संकल्प यात्रा के दौरान विधायक कैलाश गहतोड़ी और भाजपा नेता गोविंद सामंत के समर्थकों के बीच टकराव की नौबत आते-आते बची। अपने-अपने नेता के समर्थन में बढ़चढ़ कर नारे लगाने से गुटबाजी खुलकर सामने आई। दूसरी तरफ संगठन के पदाधिकारी इसे गुटबाजी के बजाय कार्यकर्ताओं के उत्साह बता रहे हैं।
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भाजपा में 40 प्रतिशत टिकट कटने की चर्चा के बीच इस जिले में सीटिंग-गेटिंग के फार्मूले को लेकर गंभीर सवाल है। इसी के मद्देनजर चंपावत सीट से विधायक कैलाश गहतोड़ी को जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट शंकर दत्त पांडेय, सुभाष बगौली, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत और पूर्व चेयरमैन प्रकाश तिवारी कड़ी चुनौती दे रहे हैं। लोहाघाट सीट पर दो बार के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र सिंह लडवाल चुनौती दे रहे हैं। जिला पंचायत और सभी तीनों ब्लॉकों में फर्त्याल के करीबियों का काबिज होना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अलबत्ता टिकट पाने की हसरत पूरा करने के लिए ये तमाम नेता प्रदेश संगठन तक अपना संदेश पहुंचा रहे हैं।
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पांडेय के बयान से लोग भी अचरज में
चंपावत। सियासत में अक्सर ऐसा होता नहीं है कि चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले ही टिकट का ऐलान कर दिया जाए लेकिन दो मंत्रियों और एक सांसद की मौजूदगी में जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय ने दोनों सीटों से सीटिंग विधायकों को टिकट मिलने की बात कह कार्यकर्ताओं को ही नहीं, आम लोगों को भी अचरज में ला दिया। दरअसल प्रत्याशियों के नाम तय करने के लिए हर पार्टी में संसदीय बोर्ड होता है। ऐसे में ये बयान चौंकाता है। जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक से इस संबंध में जब उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।