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कर्ज माफी का हजारों किसानों को लाभ मिलेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 01 Jan 2017 10:31 PM IST
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चंपावत जिले के 4678 किसानों को इसका लाभ होगा। चूंकि नोटबंदी के बाद से चंपावत जिले में ज्यादातर किसान कर्ज की अदायगी नहीं कर पा रहे थे। पुराने नोटों की वजह से उन्हें बेवजह ब्याज का नुकसान झेलना पड़ रहा था।
सहकारिता विभाग के मुताबिक चंपावत जिले की 23 साधन सहकारी समितियों के 4678 किसानों ने पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की विभिन्न शाखाओं से 30.41 करोड़ रुपए कर्ज लिया था। 500, 1000 के पुराने नोटों के बंद होने से फसली कर्ज लेने वाले किसान कर्ज की किस्त नहीं दे पा रहे थे।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि कर्ज की वसूली पिछले साल के नवंबर के सापेक्ष इस बार 194.83 लाख रुपए कम हुई है। 3041.43 लाख रुपए के कर्ज के सापेक्ष अक्तूबर तक 227.17 लाख रुपए की वसूली हुई थी। नवंबर में महज 61.6 लाख रुपए वसूल हुए थे। भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के चलते जिला सहकारी बैंकों को पुराने नोटों को स्वीकारने की इजाजत नहीं थी। इस मनाही का खामियाजा न केवल सहकारी बैंक, बल्कि किसानों को भी भुगतना पड़ा। अलबत्ता किसानों का कहना है कि अब प्रधानमंत्री द्वारा 60 दिनों तक ब्याज माफी के एलान से उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
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सहकारिता विभाग के मुताबिक चंपावत जिले की 23 साधन सहकारी समितियों के 4678 किसानों ने पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की विभिन्न शाखाओं से 30.41 करोड़ रुपए कर्ज लिया था। 500, 1000 के पुराने नोटों के बंद होने से फसली कर्ज लेने वाले किसान कर्ज की किस्त नहीं दे पा रहे थे।
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बैंक अधिकारियों का कहना है कि कर्ज की वसूली पिछले साल के नवंबर के सापेक्ष इस बार 194.83 लाख रुपए कम हुई है। 3041.43 लाख रुपए के कर्ज के सापेक्ष अक्तूबर तक 227.17 लाख रुपए की वसूली हुई थी। नवंबर में महज 61.6 लाख रुपए वसूल हुए थे। भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के चलते जिला सहकारी बैंकों को पुराने नोटों को स्वीकारने की इजाजत नहीं थी। इस मनाही का खामियाजा न केवल सहकारी बैंक, बल्कि किसानों को भी भुगतना पड़ा। अलबत्ता किसानों का कहना है कि अब प्रधानमंत्री द्वारा 60 दिनों तक ब्याज माफी के एलान से उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
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