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हादसों की मुख्य वजह ओवरलोडिंग
नवल जोशी/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Wed, 04 Jan 2017 10:14 PM IST
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हादसों की मुख्य वजह ओवरलोडिंग
- फोटो : अमर उजाला
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वाहनों में हो रही ओवरलोडिंग हादसों का कारण बन रही है। इसके चलते कई लोग अकाल मौत के शिकार बन रहे हैं। परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन ओवरलोडिंग करने वालों पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम साबित रहा है। लोगों की जान की परवाह किए बगैर वाहनों में ठूस-ठूस कर सवारियों को ढोया जा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से चालकों के हौसले बुलंद हैं।
लोहाघाट, पाटी, बाराकोट विकासखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अधिकांश टैक्सियों का ही संचालन होता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीमित वाहनों की आवाजाही होने का फायदा उठाते हुए वाहन चालक क्षमता से 50 प्रतिशत अधिक तक सवारियों को बेरोकटोक ढोते हैं। परिवहन विभाग यदा-कदा अभियान चलाकर खानापूर्ति करता रहा है। उस दौरान डग्गामार वाहन और ओवरलोडिंग पर कुछ अंकुश लगता है, लेकिन चेकिंग टीम के जाने के बाद वाहन चालक पुराने ढर्रे पर आ जाते हैं।
चेकिंग नियमित रूप से हो
नेपाल सीमा से लगे दूरस्थ मडलक गांव के प्रधान भुवन चंद्र भट्ट का कहना है कि जितनी सवारियों में वाहन पास हो, उतनी ही सवारियां बैठानी चाहिए। पुलिस प्रशासन को समय-समय पर वाहनों की चेकिंग करनी चाहिए, ताकि ओवरलोडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
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दूरदराज के रूटों पर भी रोडवेज बसों का संचालन हो
डुंगरी के प्रधान महेश जोशी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया जाना चाहिए। वाहनों की कमी के चलते मजबूरन लोगों को टैक्सियों में ठूस-ठूस कर बैठना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन होने से टैक्सियों में ओवरलोडिंग पर काबू पाया जा सकेगा।
नशेड़ी चालकों पर कार्रवाई हो
पूर्व जिपं सदस्य सचिन जोशी का कहना है कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए समय-समय पर परिवहन विभाग को चेकिंग अभियान चलाना चाहिए। साथ ही लोगों को जागरूक होना जरूरी है। नशेड़ी वाहन चालक की जानकारी पुलिस-प्रशासन को दी जाए।
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लोहाघाट, पाटी, बाराकोट विकासखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अधिकांश टैक्सियों का ही संचालन होता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीमित वाहनों की आवाजाही होने का फायदा उठाते हुए वाहन चालक क्षमता से 50 प्रतिशत अधिक तक सवारियों को बेरोकटोक ढोते हैं। परिवहन विभाग यदा-कदा अभियान चलाकर खानापूर्ति करता रहा है। उस दौरान डग्गामार वाहन और ओवरलोडिंग पर कुछ अंकुश लगता है, लेकिन चेकिंग टीम के जाने के बाद वाहन चालक पुराने ढर्रे पर आ जाते हैं।
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चेकिंग नियमित रूप से हो
नेपाल सीमा से लगे दूरस्थ मडलक गांव के प्रधान भुवन चंद्र भट्ट का कहना है कि जितनी सवारियों में वाहन पास हो, उतनी ही सवारियां बैठानी चाहिए। पुलिस प्रशासन को समय-समय पर वाहनों की चेकिंग करनी चाहिए, ताकि ओवरलोडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
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दूरदराज के रूटों पर भी रोडवेज बसों का संचालन हो
डुंगरी के प्रधान महेश जोशी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया जाना चाहिए। वाहनों की कमी के चलते मजबूरन लोगों को टैक्सियों में ठूस-ठूस कर बैठना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन होने से टैक्सियों में ओवरलोडिंग पर काबू पाया जा सकेगा।
नशेड़ी चालकों पर कार्रवाई हो
पूर्व जिपं सदस्य सचिन जोशी का कहना है कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए समय-समय पर परिवहन विभाग को चेकिंग अभियान चलाना चाहिए। साथ ही लोगों को जागरूक होना जरूरी है। नशेड़ी वाहन चालक की जानकारी पुलिस-प्रशासन को दी जाए।