{"_id":"57dae0214f1c1b0d27d479ff","slug":"the-lawyers-boycotted-judicial-work","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकीलों ने किया अदालती कामकाज का बहिष्कार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलों ने किया अदालती कामकाज का बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील, एसडीएम और सब रजिस्ट्रार कार्यालय को राजबुंगा (किले) से कलक्ट्रेट के नजदीक शिफ्ट करने की मांग करते हुए अधिवक्ता बृहस्पतिवार को कोर्ट के कामकाज से विरत रहे। वहीं वकीलों ने प्रशासनिक न्यायालयों (डीएम, एसडीएम और तहसीलदार मजिस्ट्रेट की अदालतें) का बीते एक महीने से बहिष्कार किया है।
मौजूदा तहसील कार्यालय वाले राजबुंगा की ऐतिहासिकता के मद्देनजर ये तीनों कार्यालय यहां से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जा रहे हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौधरी, पूर्व अध्यक्ष राम सिंह बिष्ट, पीएस पाटनी, भास्कर मुरारी, सुरेश जोशी आदि का कहना है कि बंद पड़ी टरपंटाइन फैक्ट्री के पास इन कार्यालयों को शिफ्ट करने से लोगों की दिक्कतें बढ़ेंगी। बार संघ पिछले महीने इस संबंध में बाकायदा प्रस्ताव पास कर चुकी है। उधर बार एसोसिएशन की इस मांग के मद्देनजर एडीएम जेएस राठौर ने इन तीनों कार्यालयों के लिए कलक्ट्रेट के नजदीक भवन तलाश करने के आदेश चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा को दिए हैं।
विज्ञापन
मौजूदा तहसील कार्यालय वाले राजबुंगा की ऐतिहासिकता के मद्देनजर ये तीनों कार्यालय यहां से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जा रहे हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौधरी, पूर्व अध्यक्ष राम सिंह बिष्ट, पीएस पाटनी, भास्कर मुरारी, सुरेश जोशी आदि का कहना है कि बंद पड़ी टरपंटाइन फैक्ट्री के पास इन कार्यालयों को शिफ्ट करने से लोगों की दिक्कतें बढ़ेंगी। बार संघ पिछले महीने इस संबंध में बाकायदा प्रस्ताव पास कर चुकी है। उधर बार एसोसिएशन की इस मांग के मद्देनजर एडीएम जेएस राठौर ने इन तीनों कार्यालयों के लिए कलक्ट्रेट के नजदीक भवन तलाश करने के आदेश चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा को दिए हैं।
विज्ञापन