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लधिया के जंगल फिर आग की चपेट में
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 07 May 2017 11:06 PM IST
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आग की चपेट में आया लधिया घाटी का जंगल
- फोटो : अमर उजाला
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चीड़ के चलते संवेदनशील लधिया घाटी के कई जंगल एक बार फिर आग की चपेट में है। शनिवार रात से लगी आग काफी मशक्कत के बाद भी नहीं बुझ सकी थी। करीब एक हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ है।
परेवा, धरसों, भिंगराड़ा, कैड़ागांव आदि के जंगलों में चीड़ के पेड़ आग की चपेट में है। वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के काफी प्रयासों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग के चलते आबादी वाले काफी बड़े ग्रामीण इलाकों में धुंध छा गई है। वन क्षेत्राधिकारी हिमालय सिंह टोलिया का कहना है कि फायर वॉचर सहित वन कर्मियों की टीम आग पर काबू करने के प्रयास कर रही है। वन विभाग के चंपावत डिवीजन में 15 फरवरी से अब तक 7 घटनाएं आग लगने की हो चुकी हैं। इससे 96.65 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। बूम, लोहाघाट, भिंगराड़ा, चंपावत और काली कुमाऊं के जंगल में ये आग लगी।
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परेवा, धरसों, भिंगराड़ा, कैड़ागांव आदि के जंगलों में चीड़ के पेड़ आग की चपेट में है। वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के काफी प्रयासों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग के चलते आबादी वाले काफी बड़े ग्रामीण इलाकों में धुंध छा गई है। वन क्षेत्राधिकारी हिमालय सिंह टोलिया का कहना है कि फायर वॉचर सहित वन कर्मियों की टीम आग पर काबू करने के प्रयास कर रही है। वन विभाग के चंपावत डिवीजन में 15 फरवरी से अब तक 7 घटनाएं आग लगने की हो चुकी हैं। इससे 96.65 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। बूम, लोहाघाट, भिंगराड़ा, चंपावत और काली कुमाऊं के जंगल में ये आग लगी।
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