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बजट में मिले रियायत, लोगों को हो राहत
ब्यूरो/अमर उजाला,चंपावत
Updated Wed, 17 Feb 2016 10:22 PM IST
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बजट का सबसे ज्यादा असर व्यापारियों को पड़ता है। इसलिए बजट पर सबसे पैनी नजर भी वे ही रखते हैं। आमतौर पर व्यापारियों का मानना है कि केंद्रीय बजट ऐसा हो, जिसमें उनके लिए रियायतें हों और सामान्य लोगों के लिए राहत। किसी एक वर्ग पर करों का बोझ भी न हो।
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बजट से मिले आम लोगों को राहत
चंपावत व्यापार संघ के उपाध्यक्ष अमरनाथ सक्टा का कहना है कि बजट ऐसा हो, जिससे विलासिता की सामग्री महंगी हो, मगर रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें सस्ती हो, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
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सस्ती पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था हो
कैलाश भट्ट का कहना है कि बजट के जरिए स्वास्थ्य और शिक्षा पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे लोगों को सस्ती और अच्छी पढ़ाई-लिखाई से लेकर इलाज तक की व्यवस्था हो सके।
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स्किल डेवलपमेंट पर हो जोर
व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता श्याम नारायण पांडेय का कहना है कि बजट से स्किल डेवलपमेंट हो। नौजवानों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।
सस्ती हो जीवन रक्षक दवाएं
चंपावत के प्रमुख दवा कारोबारी हरीश खर्कवाल का कहना है कि बजट में ऐसा प्रबंध हो, जिससे जीवन रक्षक दवाएं सस्ती हो सके, ताकि इन दवाओं के बगैर आम लोगों को जिंदगी न गंवानी पड़े।
तर्कसंगत हो टैक्स सिस्टम
प्रमुख कारोबारी कमल राय का कहना है कि टैक्स सिस्टम को सरल और तर्कसंगत बनाया जाए, ताकि करों से सरकार को तो आय ज्यादा हो, मगर बोझ किसी एक वर्ग पर न पड़े। साथ ही हर जिले में आयकर विभाग भी स्थापित किया जाए।