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बैंकों में कम नहीं हुई भीड़, नहीं आया कैश

Tue, 22 Nov 2016 09:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Tue, 22 Nov 2016 09:30 PM IST
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The banks had less crowded, not cash
बैंकों में कम नहीं हुई भीड़, नहीं आया कैश - फोटो : अमर उजाला
चंपावत जिले में 9 नवंबर से जारी कैश की किल्लत अब तक दूर नहीं हुई। बैंकों में लगी लाइन कम नहीं हो रही है। भारतीय स्टेट बैंक सोमवार को आई छह करोड़ रुपए की रकम से काम चला रहा है। विवाह वालों को नगदी होने की सूरत में ढाई लाख रुपए तक दिए जाने की बात कही जा रही है। मंगलवार को किसी को भी ढाई लाख रुपए नहीं दिए गए, लेकिन 8 लोगों को 40-40 हजार रुपए दिए गए हैं। 
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एसबीआई की चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि अभी जिले में 500 रुपए का नया नोट नहीं पहुंचा है। भारतीय रिजर्व बैंक की कानपुर शाखा से रकम मिलने के बाद ये नोट पहुंचेंगे। बैंकों में 17 लोगों को विवाह के लिए 40 हजार रुपए से ढाई लाख रुपए तक दिए जा चुके हैं। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक नवीन कुमार का कहना है कि विवाह से संबंधी वित्त मंत्रालय का नया सर्कुलर पहुंच गया है। सर्कुलर के हिसाब से लोगों को रकम दी जा रही है।
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लोहाघाट में सुबह से ही बैंकों में कैश लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। एसबीआई में कैश निकालने के लिए लोगों की लंबी भीड़ रही। प्रभारी शाखा प्रबंधक एसएच मिश्रा ने बताया कि कैश की कमी के चलते उपभोक्ताओं को 10 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है। मंगलवार को बैंक को चंपावत से 50 लाख रुपये मिले। 19 लोगों को शादी के लिए पर्याप्त धनराशि का भुगतान किया गया। वहीं पीएनबी में रुपये समाप्त होने से उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। शाखा प्रबंधक हरीश चंद्र तिवारी ने बताया कि बैंक में 10 लाख रुपये आए थे, जिसका उपभोक्ताओं को भुगतान कर दिया गया। बाद में चार हजार रुपये के हिसाब से भुगतान किया गया। 
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उधार में खरीद रहे बारात का सामान
ललुवापानी गांव के मनोहर के भाई कृष्णा की 25 नवंबर को खटीमा बरात जानी है। बैंक में कृष्णा का खाता नहीं है। इस कारण बड़े भाई मनोहर को बैंक से एक हफ्ते में महज 24 हजार रुपए मिले। पीएनबी के प्रबंधक नवीन कुमार का कहना है कि नियमों के मुताबिक वर-वधू या उनके माता-पिता का बैंक में खाता होना जरूरी है। अधिक रकम नहीं निकलने से मनोहर अपने भाई की शादी के लिए जरूरी सामान उधार खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। परचून, सब्जी सहित शादी से जुड़ी तमाम सामान उधार खरीदा जा रहा है।

खाली हैं ज्यादातर एटीएम
 पर्याप्त कैश नहीं मिलने पर बैंकों के ज्यादातर एटीएम मंगलवार को भी खाली थे। भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम भी बंद थे। चंपावत में एकमात्र पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम खुला, तो जबर्दस्त भीड़ के चलते ढाई घंटे में ही एटीएम में डाली गई 3.35 लाख रुपए की रकम खाली हो गई। प्रबंधक नवीन कुमार का कहना है कि बैंक को एसबीआई से दस लाख रुपए मिले थे। इसमें से कुछ राशि एटीएम में डाली गई। लोहाघाट नगर क्षेत्र में लगे छह में से पांच एटीएम पैसे न होने से बंद रहे, जबकि एसबीआई का डाकबंगला रोड स्थित एटीएम दोपहर में चालू हुआ। जिसमें पैसा निकालने के लिए लोगों की भी भीड़ रही।


बीज-खाद की खरीद में नहीं वसूले जा रहे पुराने नोट
 भले ही वित्त मंत्रालय ने पुराने नोटों से बीज-खाद की खरीद को हरी झंडी दी हो, लेकिन किसानों से पुराने नोट नहीं वसूले जा रहे हैं। टनकपुर सहकारी समिति के बिक्री केंद्र के प्रभारी दीनानाथ वर्मा का कहना है कि अभी पुराने नोट नहीं लिए जा रहे हैं। मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद पुराने नोट लिए जाएंगे। फिलहाल 50 टन यूरिया और 100 टन एनपी खाद की बिक्री हुई है। किसानों से वैध नोट लिए जा रहे है। इसके अलावा समिति के सदस्य चेक भी दे रहे हैु।
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