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पूर्व मुख्यमंत्री का जवाब वर्तमान मुख्यमंत्री!

Tue, 24 Jan 2017 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)।
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)। Updated Tue, 24 Jan 2017 10:45 PM IST
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The answer to the former Chief Minister Chief Minister!
पूर्व सैन‌िक सम्मान समारोह में सीएम रावत - फोटो : AmarUjala

लोहाघाट (चंपावत)। यहां के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में दो दिन में दो बड़े नेताओं ने दस्तक देकर सियासी माहौल में गर्मी ला दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का जवाब मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिया। उनका दौरा एकजुटता के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर गया। वहीं पार्टी के भीतर के गिले-शिकवों को भी कम कर गया।

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सोमवार को लोहाघाट से भाजपा प्रत्याशी, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के नामांकन के बाद हुई जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी। जनसभा में पूर्व सीएम, नैनीताल से सांसद भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा की मौजूदगी ने पार्टी का समां बांधा, लेकिन एक दिन बाद रामलीला मैदान कांग्रेसी रंग में रंगा था।
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तीन बार अल्मोड़ा से सांसद रह चुके मुख्यमंत्री हरीश रावत कई बार यहां आ चुके हैं। मंगलवार को एक बार फिर उन्होंने अपने वाक कौशल से लोगों को लुभाया। पुराने कार्यकर्ताओं से लेकर बुजुर्गों तक को जोड़ा। लोहाघाट क्षेत्र को बुरे वक्त में साथ देने वाला बताते हुए अपनापन दर्शाने की कोशिश की। स्थानीय मुद्दों से लेकर युवाओं के मसलों को उठा कर हर वर्ग में संदेश देने की कोशिश की। देखना है कि उनकी ये अपील कितनी कारगर होती है।
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सीएम के कार्यक्रम में दो कद्दावर नेताओं की गैर मौजूदगी चर्चा में रही। कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोगों में इसे लेकर कयास लगाए जाते रहे। दस साल तक पाटी के ब्लॉक प्रमुख रहे लक्ष्मण सिंह लमगड़िया टिकट के प्रमुख दावेदारों में थे। उनका अपना प्रभाव क्षेत्र है।


उनकी पत्नी पुष्पा लमगड़िया वर्तमान में पाटी की ब्लॉक प्रमुख हैं। उनकी गैर मौजूदगी के सियासी मायने लगाए जा रहे हैं। इसी तरह तीन बार लोहाघाट सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री, मौजूदा राज्यसभा सदस्य महेंद्र सिंह माहरा भी नहीं थे। उधर दोनों नेताओं के समर्थकों का कहना है कि उनके न पहुंच पाने की वजह इलाके में उनकी मौजूदगी न होना था। वे पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे।

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