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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The accused left the probation period of two years

आरोपी को दो साल की परिवीक्षा अवधि पर छोड़ा

Thu, 01 Jun 2017 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Thu, 01 Jun 2017 11:25 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने धारा 342 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 के तहत दर्ज मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दो साल की परिवीक्षा अवधि पर छोड़ने का फैसला सुनाया है। इस अवधि में अभियुक्त शांति कायम रखेगा तथा सदाचारी बना रहेगा। परिवीक्षा अवधि के लिए अभियुक्त को तीस हजार रुपये का बांड बंधक बनाने के साथ ही इतनी ही राशि के दो विश्वनीय जमानती कोर्ट में प्रस्तुत करने होंगे।



प्राप्त घटना विवरण के अनुसार 22 मार्च 2016 को चंपावत तहसील निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर धामीसौन निवासी खीम सिंह पर वादी की 14 वर्षीय पुत्री के साथ दुराचार का प्रयास करने का आरोप लगाया। पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 342 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3 (ग)/4 के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) विद्याधर जोशी ने पैरवी की। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि दो साल की परिवीक्षा की अवधि में यदि अभियुक्त ने न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना की तो उसे फिर से न्यायिक हिरासत में लिया जा सकता है। 
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