फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Tea Gardens

अब सीमांत गांवों में महकेगी चाय की खुशबू

Tue, 05 Jan 2016 10:01 PM IST
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत Updated Tue, 05 Jan 2016 10:01 PM IST
विज्ञापन
Tea Gardens

वीरान हो चुके जिले की सीमावर्ती गांवों के बंजर खेतों में चाय के बागान लहलहाएंगे। उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड की ओर से जिले में चाय उत्पादन बढ़ाने के साथ ही चाय के बागान भी विकसित किए जा रहे हैं, जिसके तहत सीमांत क्षेत्र के मंच, दुबडजैनल, कफल्टा, रूईयां, खोकिया, गुरखोली गूंठ आदि गांवों में बंजर हो चुके खेतों में चाय के बागान विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।

विज्ञापन


पहले चरण में ग्रामीणों की दो सौ नाली भूमि में चाय के पौधे लगाए जाएंगे, जिसके लिए ग्रामीणों से सात साल के लिए बंजर जमीन लीज पर ली जा रही है। चाय बागान के पूर्ण विकसित होने पर उसका मालिकाना हक संबंधित ग्रामीणों को दे दिया जाएगा।
विज्ञापन


बता दें कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण सीमांत क्षेत्र के कई गांव वीरान होते जा रहे हैं। चाय विकास बोर्ड की यह पहल सीमांत क्षेत्र से पलायन रोकने में भी मददगार साबित हो सकती है। चाय विकास बोर्ड के प्रबंधक डेसमंड के अनुसार जिले में 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चाय का सफलतापूर्वक उत्पादन होने लगा है। अब सीमांत गांवों में भी चाय बागान विकसित किए जा रहे हैं। 200 नाली बंजर भूमि को महिलाओं के सहयोग से चाय की पौध लगाने के उपयुक्त बना लिया गया है। जल्द ही प्लांटेशन का कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रीन लीफ ने दी चंपावत को नई पहचान
जिले की वर्तमान पहचान प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र के रूप में भी होने लगी है। अलग राज्य बनने के बाद से चंपावत क्षेत्र ने ग्रीन लीफ (हरी पत्ती) चाय के उत्पादन में विशिष्ट पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की है। अब यहां की ग्रीन लीफ विदेशों को भी एक्सपोर्ट की जाती है। चाय विकास बोर्ड की ओर से जिले में दो सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किए जा चुके चाय बागानों को पर्यटन ग्रिड से जोड़ने की तैयारी भी शुरू हो गई है, जिसके तहत जिले में आने वाले पर्यटकों को सिलंटाक, क्षीणापानी, फूलगढ़ी, सिमल्टा, लमाई, नरसिंहडांडा, मुडियानी आदि चाय बागानों का भ्रमण कराया जाएगा।


साल दर साल बढ़ रहा उत्पादन

वर्ष                           चाय उत्पादन (किग्रा)
2009-10                    19400
2010-11                    28800
2011-12                    35000
2012-13                    54000
2013-14                    77000
2014-15                    87430

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed