ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे करें
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चंपावत। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने जिले में ओलावृष्टि से फसलों और पॉलीहाउसों को हुए नुकसान का घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने कृषि, उद्यान, सिंचाई, जलागम विभाग से संबंधित प्रगतिशील काश्तकारों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि, उद्यान विभाग के कर्मचारियों को बिना तैयारी के साथ बैठक में आने और क्षेत्र की जानकारी ने होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने काश्तकारों को फसल बीमा के लिए 31 मई तक बैंकों में आवेदन करने को कहा, जिस पर काश्तकारों ने पूर्व में हुए फसल बीमा की पूर्ण धनराशि न मिलने की शिकायत की। डीएम ने इस प्रकरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक निबंधक सहकारिता को सभी काश्तकारों के प्रकरणों को उपलब्ध कराते हुए बीमा कंपनी के अधिकारियों को तलब करने के निर्देश दिए। डीएम ने कृषि, उद्यान, सहकारिता विभाग से उपयोगिता की जानकारी तथा सहमति के बाद ही सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग की कोई भी प्रस्तावित योजना शामिल किए जाने के निर्देश सीडीओ को दिए। वहां एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, सीडीओ एचजी भट्ट, सीएओ आरएल चंद्रवाल, डीएचओ एचसी तिवारी, अशोक कुमार सहित प्रगतिशील काश्तकार गोकुल चंद्र कोठारी, गिरधर सिंह फर्त्याल, उर्बादत्त ओली सहित कई ग्राम प्रधान, संबंधित विभागीय अधिकारी आदि थे।
चंपावत। डीएम ने मुख्य कृषि अधिकारी को क्षेत्रवार कृषक व्हाट्सएप ग्रुप तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे कृषक अपनी समस्याओं को आधुनिक तकनीकी से भी अवगत करा सकें। उन्होंने कहा कि कृषक हेल्पलाइन 05965-230819 या टोल फ्री नंबर 05965-1077 पर कृषि, उद्यान, पशु पालन, डेयरी विकास और मत्स्य आदि विभागों से संबंधित समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। कहा कि प्राप्त शिकायतों का जिला स्तर पर ही समाधान किया जाएगा।
चंपावत। डीएम ने मनरेगा में धीमी गति से हो रहे कार्यों पर नाराजगी जाहिर करते हुए मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों का मई माह का वेतन रोकने के निर्देश सीडीओ को दिए। उन्होंने सिंचाई की व्यवस्था के लिए कायल, गौड़ी तथा अन्य क्षेत्रों में बंद पड़े हाइड्रमों को तत्काल ठीक करने के निर्देश लघु सिंचाई विभाग को दिए।