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रौलामेल सड़क में 13 साल में भी नहीं हुआ डामरीकरण

Mon, 29 Aug 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)।
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)। Updated Mon, 29 Aug 2016 11:29 PM IST
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Stir in 13 years, not even in the mail road Damrikrn
सड़क - फोटो : अमर उजाला

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 सांसद आदर्श ग्राम रौलामेल की रोड में डामरीकरण हुए तकरीबन 13 साल बीत गए हैं। लेकिन रोड के हाल यह है कि यह रोड कम खड़ंजा ज्यादा लगती है। रोड में पाटी से मैरोली हर दिन लगभग 20 से 25 गाड़ियां चलती हैं। वाहन स्वामियों का कहना है कि महीने दो महीने में गाड़ियों के टायर बदलने पड़ जाते हैं। इस रोड में दिन के चार चक्कर तो स्थानीय स्कूलों की गाड़ियां चलती हैं। अभिभावकों का कहना है कि हम अपने बच्चों को जान हथेली में रख स्कूल भेजते हैं। 

यहां के जनप्रतिनिधियों के बार बार आग्रह करने के बावजूद भी प्रशासन से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सांसद आदर्श ग्राम होने के कारण यहां पर संबंधित विभाग के अधिकारियों का दौरा समय समय पर होता रहता रहता है। यहां तक कि पूर्व में डीएम का भी इस गांव मे पांच से छह बार दौरा हो चुका है। यही नहीं सांसद माहरा का तकरीबन पांच बार दौरा हो चुका है, हर बार ग्रामीण रोड के डामरीकरण की समस्या को प्राथमिकता से उनके सामने रखते हैं। लेकिन हर बार की तरह आश्वासन से ही संतुष्ट होना पड़ता है। रोड में हाल बिसारी से मैरोली तक तो आलम यह है कि गाड़ी से चलना तो दूर पैदल चलना भी लोगों को गंवारा नहीं है।
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स्कूल की गाड़ी चलाने वाले रवीश भट्ट का कहना है कि बच्चों को ले जाने के कारण हर पल दुर्घटना का भय बना रहता है। तीन किमी की दूरी तय करने मे उन्हें 40 से 45 मिनट का समय लग जाता है। गांव की 85 वर्षीय दुर्गा देवी का कहना है कि हम केवल वोट देने के लिए ही है, क्या हमारा दर्द सरकार से नहीं देखा जा रहा है। 
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