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सैय्यां गए परदेश, कटे कैसे बिरह की रतिया
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:02 PM IST
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पाटी में मां बाराही सुगम संगीत समिति के तत्वावधान में बैठकी होली का आयोजन किया गया। सुरेश भट्ट के आवास पर हुई होली की शुरुआत प्रसिद्ध होल्यार नवीन उप्रेती ने दीप प्रज्जवलित कर की। गणपति वंदना गाईए गणपति जग वंदन सुनाई।
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टीकाराम सोराड़ी ने राग काफी में जै जै जै शिव शंकर, मेजमान सुरेश भट्ट ने राग धमार में मन सुख लागो मृदंग नाचत आई चंद्रावली, राग काफी में सैय्यां गए परदेश, कटे कैसे बिरह की रतिया गीत की शानदार प्रस्तुति दी। घनश्याम शर्मा ने राग काफी में श्याम सुंदर यशोदा के मोहन सुनाया। गोपाल भट्ट ने शिव भोला भंडारी साधु, राजेंद्र माहरा ने राग बागेश्री में होली खेल रहे हैं नंद लाल, ईश्वरी दत्त गहतोड़ी ने राग काफी में वन को गए दोऊ भाई उन्हें समझावत नाहीं गीत की शानदार प्रस्तुति दी।
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तबले पर ताल सुरेश भट्ट, गोकुल भट्ट, मनीष बिष्ट ने ठोकी। इस अवसर पर राजेंद्र लडवाल, विक्रम सिंह, दीपक भट्ट, विपिन, पूरन, गणेश, पुष्पा, दीपा, मोहन, महेश ने सुर में सुर मिलाया।
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