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टी-टूरिज्म बनेगा चंपावत का सिलंटाक
Sun, 28 Apr 2019 11:05 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
कमल जोशी चंपावत।
कमल जोशी चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 28 Apr 2019 11:05 PM IST
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चंपावत के सिलंटाक का चाय बागान।
- फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय से चार किमी दूर सिलंटाक चाय बागान के ईद-गिर्द पर्यटन विभाग के माध्यम से टी-टूरिज्म का विकास किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
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चंपावत जिले में सिलंटाक, छीड़ापानी, च्यूराखर्क, मुड़ियानी, लमाई, चौकी, भगाना भंडारी, लधौन, मौराड़ी, नरसिंह डांडा, गड़कोट, चौड़ा, मझेड़ा, मंच, खूना, बलाई, डिंगडई आदि के 203.40 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय के बागान हैं। वैसे तो इन बागानों में लोग अभी भी घूमने आते हैं लेकिन यहां सैलानियों के लिए सुविधाओं का अभाव है। इसके चलते पर्यटक फोटो खिंचाने तक ही सीमित रह जाते थे। अब पर्यटन विभाग ने यहां टी-टूरिज्म का प्रस्ताव रखा है।
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इसके अंतर्गत चाय बागान में आने वाले सैलानियों को टी-बुटिक (विविधतापूर्ण जैविक चाय) की सुविधा के अलावा व्यू प्वाइंट, छतरी बैंचेज का निर्माण किया जाएगा।
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साथ ही बागान में भ्रमण के लिए वॉकिंग ट्रेल और साइनेजेस की सुविधा भी रहेगी। पर्यटकों के घूमने के लिए टी गार्डन में जगह-जगह रास्तों का निर्माण किया जाएगा।
सिलंटाक चाय बागान में आने वाले सैलानियों को न केवल चाय के बागान का आनंद मिलेगा बल्कि वे उच्च क्षमता की दूरबीन के जरिए हिमालय दर्शन भी कर सकेंगे।
सिलंटाक चाय बागान में टी-टूरिजम का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। टी टूरिज्म शुरू होने से इको पर्यटन को पंख लगेंगे।
लता बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।