{"_id":"62001cded55d1b282435f384","slug":"school-open-in-champawat-champawat-news-hld4529852167","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से फिर लौटेगी स्कूलों की रंगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से फिर लौटेगी स्कूलों की रंगत
विज्ञापन
टनकपुर प्राइमरी स्कूल। सोमवार से यहां पढ़ाई होगी और 14 फरवरी को 645 मतदाता वोट भी डालेंगे। संवाद न्य?
- फोटो : TANAKPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। कोरोना महामारी का असर कम होने के साथ ही सोमवार से फिर से स्कूल-कॉलेज छात्र-छात्राओं के उल्लास से चहकेंगे। सोमवार से पहली से नौंवी कक्षा तक के स्कूल खुलने संबंधी शासनादेश के बाद शिक्षा विभाग ने भी तैयारी पूरी कर ली है।
शिक्षाधिकारी भानुप्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों और कक्षों को सैनिटाइज किया जा चुका है। सुरक्षित दूरी और कोरोना के सभी निर्देशों का पालन करते हुए स्कूलों को खोला जा रहा है। स्कूलों के संचालन में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन अनिवार्य रूप से कराने के लिए निरीक्षण टीमें भी बनाई गई हैं। चंपावत जिले में 681 स्कूलों के पहली से नौंवी तक की कक्षाओं में 21802 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
कोरोना की वजह से स्कूल लंबे समय से बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, लेकिन चुनाव के मद्देनजर 14 फरवरी को मतदान के बाद स्कूल खुलते तो बेहतर होता। - रामप्रसाद अग्रवाल, अभिभावक।
विज्ञापन
चंपावत जिले में कोविड नियंत्रित हो रहा है। अब सभी स्कूल खोलने का निर्णय ठीक है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। - महादेव सिंह, अभिभावक।
लंबे समय तक ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखों पर विपरीत असर पड़ रहा है। बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए स्कूलों को खोलना सही कदम है। - बलवंत सिंह कुलियाल, अभिभावक, चंपावत।
स्कूल बंद होने पर भी मासिक शुल्क लिया जा रहा है। इससे तो अच्छा है कि स्कूल खुले और पढ़ाई हो। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए स्कूल प्रबंधन को उचित कदम उठाए जाएं। - योगिता, अभिभावक।
विज्ञापन
शिक्षाधिकारी भानुप्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों और कक्षों को सैनिटाइज किया जा चुका है। सुरक्षित दूरी और कोरोना के सभी निर्देशों का पालन करते हुए स्कूलों को खोला जा रहा है। स्कूलों के संचालन में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन अनिवार्य रूप से कराने के लिए निरीक्षण टीमें भी बनाई गई हैं। चंपावत जिले में 681 स्कूलों के पहली से नौंवी तक की कक्षाओं में 21802 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
विज्ञापन
कोरोना की वजह से स्कूल लंबे समय से बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, लेकिन चुनाव के मद्देनजर 14 फरवरी को मतदान के बाद स्कूल खुलते तो बेहतर होता। - रामप्रसाद अग्रवाल, अभिभावक।
विज्ञापन
चंपावत जिले में कोविड नियंत्रित हो रहा है। अब सभी स्कूल खोलने का निर्णय ठीक है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। - महादेव सिंह, अभिभावक।
लंबे समय तक ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखों पर विपरीत असर पड़ रहा है। बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए स्कूलों को खोलना सही कदम है। - बलवंत सिंह कुलियाल, अभिभावक, चंपावत।
स्कूल बंद होने पर भी मासिक शुल्क लिया जा रहा है। इससे तो अच्छा है कि स्कूल खुले और पढ़ाई हो। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए स्कूल प्रबंधन को उचित कदम उठाए जाएं। - योगिता, अभिभावक।