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बारिश के साथ ग्रामीणों के खेतों में पहुंचा सड़क कटिंग का मलबा
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लोहाघाट (चंपावत)। मरोड़ाखान-घाट बारहमासी सड़क के कटिंग के दौरान बंतोली के वन पंचायत के जंगल में डाले गए मलबे ने ग्रामीणों के उपजाऊ खेत बंजर कर दिए हैं। सड़क के मलबे ने हरे भरे पेड़ों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था और एनएच की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है। उन्होंने उनके खेतों को हुए नुकसान की भरपाई करने के साथ सड़क किनारे दीवार देने की मांग की है। समस्या का समाधान न होने पर एसडीएम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
ग्राम प्रधान नारायण सिंह फर्त्याल, राजेंद्र सिंह, चंचल सिंह, पुष्कर सिंह, निर्मल सिंह, धरम सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल एनएच की ओर से आरजीबीईएल कंपनी ने बारहमासी सड़क का कटान कर उसे चौड़ा किया गया। कटिंग के सारे मलबे को डंपिंग जोन में न डालकर सड़क के नीचे स्थित वन पंचायत के जंगल में डाल दिया। जिससे वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है। कार्यदायी संस्था ने मलबे को रोकने के लिए कोई सुरक्षा दीवार नहीं दी गई। इससे पिछले दिनों हुई भारी बारिश से जंगल में अटका मलबा उनके उपजाऊ खेतों में आ गया। खेत बंजर हो गए हैं।
उन्होंने गांव को जोड़ने वाली रोड भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम प्रधान का कहना है कि एनएच और कार्यदायी संस्था आरजीबीईएल कंपनी के प्रतिनिधियों को मलबे की रोकथाम के लिए सुरक्षा दीवार बनाने के साथ उनके खेतों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की जा रही है, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने जल्द उनकी समस्याओं का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि कार्यदायी संस्था को शीघ्र सड़क किनारे दीवार बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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ग्राम प्रधान नारायण सिंह फर्त्याल, राजेंद्र सिंह, चंचल सिंह, पुष्कर सिंह, निर्मल सिंह, धरम सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल एनएच की ओर से आरजीबीईएल कंपनी ने बारहमासी सड़क का कटान कर उसे चौड़ा किया गया। कटिंग के सारे मलबे को डंपिंग जोन में न डालकर सड़क के नीचे स्थित वन पंचायत के जंगल में डाल दिया। जिससे वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है। कार्यदायी संस्था ने मलबे को रोकने के लिए कोई सुरक्षा दीवार नहीं दी गई। इससे पिछले दिनों हुई भारी बारिश से जंगल में अटका मलबा उनके उपजाऊ खेतों में आ गया। खेत बंजर हो गए हैं।
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उन्होंने गांव को जोड़ने वाली रोड भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम प्रधान का कहना है कि एनएच और कार्यदायी संस्था आरजीबीईएल कंपनी के प्रतिनिधियों को मलबे की रोकथाम के लिए सुरक्षा दीवार बनाने के साथ उनके खेतों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की जा रही है, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने जल्द उनकी समस्याओं का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि कार्यदायी संस्था को शीघ्र सड़क किनारे दीवार बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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