ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल हैं रेंजर गहतोड़ी

नवल जोशी लोहाघाट (चंपावत)। Updated Fri, 25 Jan 2019 11:35 PM IST
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चंपावत जिले का कर्मठ वनाधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी।
चंपावत जिले का कर्मठ वनाधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी। - फोटो : अमर उजाला

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वन महकमे की सेवा में वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी का काम ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल है।
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2003 से 11 साल तक शिक्षक रहे गहतोड़ी की मई 2016 में वन विभाग में वन क्षेत्राधिकारी के रूप में तैनाती हुई। अप्रैल 2017 से चंपावत वन प्रभाग के काली कुमाऊं में तैनात हुए गहतोड़ी ने बारहमासी सड़क निर्माण में मलबा डालने के आरोप में कंपनियों को 1.80 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। बापरू आरक्षित देवदार वनी क्षेत्र में अतिक्रमण हटवाया और अतिक्रमणकारियों पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
छीड़ा में प्लांटेशन क्षेत्र में मलबा डालने पर लोक निर्माण विभाग पर भी अर्थदंड लगाया गया। चमरौली में 120 बांज के पेड़ काटे जाने पर कार्यवाही करते हुए जुर्माना लगाया गया। घाट, पनार क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश लगाने में खासी कामयाबी मिली है।  विभाग के वे इकलौते अधिकारी हैं, जो कार्यक्षेत्र में हर वक्त वर्दी में रहते हैं।  
चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी कुबेर सिंह बिष्ट का कहना है कि रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी वनों की सुरक्षा, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त तेवर के लिए जाने जाते हैं।
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