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स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया याद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:00 PM IST
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सोमवार को 1857 की क्रांति के दौरान काली कुमाऊं में 18 जनवरी 1858 को हुए सशस्त्र विद्रोह की 158वीं वर्षगांठ पर ज्ञात-अज्ञात सेनानियों को याद किया गया। जीआईसी चौक पर हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व कर्नल जीएस देव ने किया। स्पर्श समिति के कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र ओली के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम में काली कुमाऊं के सेनानियों की भूमिका को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
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वक्ताओं का कहना था कि उस दौर में हर्ष देव ओली, पूर्णानंद ओली, दुर्गादत्त जोशी के अलावा कालू सिंह माहरा, विशन सिंह करायत, आनंद फर्त्याल सहित तमाम सेनानियों ने सशस्त्र विद्रोह में भागीदारी की थी, लेकिन उनमें से कई सेनानियों को अब तक वह सम्मान नहीं मिल सका, जिसके वह हकदार थे। तय किया गया कि हर वर्ष 18 जनवरी को सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों की स्मृति में क्रांति दिवस मनाया जाएगा तथा राज्य सरकार पर अधिक से अधिक सेनानियों की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए दबाव बनाया जाएगा। सेनानियों की याद में स्मृति पटल बनाने के साथ ही विभिन्न स्थानों में उनकी प्रतिमाएं लगाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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इस मौके पर डा.डीडी जोशी, शंकर दत्त पांडेय, हयात सिंह माहरा, प्रो.बीडी सुतेड़ी, डा.टीआर जोशी, प्रकाश जोशी शूल, डा.बीसी जोशी, हरेंद्र बोरा, डा.कीर्ति बल्लभ सक्टा, सतीश जोशी आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम में सभासद गिरीश पांडेय, विनोद चतुर्वेदी, गिरीश सिंह, मुकेश कुमार आदि थे।
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