फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Relief to milk producers despite dairy federation Losses

संघ को घाटा, फिर भी 4700 दुग्ध उत्पादक मुनाफे में

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 04:11 PM IST
विज्ञापन
Relief to milk producers despite dairy federation Losses
चंपावत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की अध्यक्ष पार्वती जोशी। - फोटो : AMAR UJALA
चंद्रशेखर जोशी 
विज्ञापन
चंपावत। लॉकडाउन में जहां छोटे-बड़े हर तरह के कारोबार और अर्थव्यवस्था पर बुरी तरह चोट हो गई, वहीं इसके उलट चंपावत जिले के करीब 4700 दुग्ध उत्पादकों को इस झटके को नहीं सहना पड़ा। खपत में भारी गिरावट आने के बावजूद दूध देहरादून भेजकर इसकी भरपाई की गई। मां पूर्णागिरि मेला निरस्त होने और ऊधमसिंह नगर द्वारा इनकार करने के बाद दूध को देहरादून भेजने से संघ को कुछ घाटा जरूर हुआ, लेकिन इससे जिले के दुग्ध उत्पादकों को राहत मिली। प्रदेश में 22 मार्च से शुरू लॉकडाउन की वजह से 90 प्रतिशत से अधिक कारोबारी गतिविधियां बंद हैं, लेकिन शुरू के तीन दिन छोड़ जिले के दुग्ध उत्पादक इस झटके से बचे रहे। इसकी वजह रही संघ द्वारा दुग्ध उत्पादकों के दूध का खरीदा जाना। दुग्ध संघ ने भाड़े में दो रुपये किमी ज्यादा लगने और दूध की कीमत एक रुपये कम मिलने के बावजूद दून भेजने का निर्णय लिया। इसका असर यह हुआ कि लॉकडाउन के बावजूद जिले की 195 समितियों के 4700 दुग्ध उत्पादकों का दूध बर्बाद नहीं हुआ।  :: हर रोज 10 हजार लीटर दूध भेजा जाता है दून :: जिले के दुग्ध उत्पादकों में 73 फीसदी महिलाएं हैं। इसके मद्देनजर संघ ने किसी भी हाल में समितियों से एकत्र किए जाने वाले दूध को बंद नहीं करने का निर्णय लिया। ऊधमसिंह नगर और खटीमा जाने वाला दूध बंद होने पर रोजना दस हजार लीटर दूध देहरादून भेजा जा रहा है।  -पार्वती जोशी,  अध्यक्ष, दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ।
विज्ञापन
:: दुग्ध उत्पादकों को दिया बोनस :: चंपावत। दुग्ध संघ ने जिले के 4700 दुग्ध उत्पादकों को राहत देने के लिए सात माह का कुल 52 लाख रुपये का बोनस भी दे दिया है। दुग्ध संघ के प्रबंधक राजेश मेहता का कहना है कि अगस्त 2018 से मार्च 2019 तक का प्रति लीटर चार रुपये बोनस दुग्ध उत्पादकों के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

Relief to milk producers despite dairy federation Losses
दुग्ध उत्पादकों को समझाते संघ के प्रबंधक राजेश मेहता। - फोटो : AMAR UJALA
दुग्ध उत्पादकों को समझाते संघ के प्रबंधक राजेश मेहता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed