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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Register FIR against the striking doctors

हड़ताली डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं

Fri, 01 Jan 2016 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट Updated Fri, 01 Jan 2016 10:56 PM IST
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नगर पंचायत और विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में पीपीपी मोड के डॉक्टरों की हड़ताल के विरुद्ध उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और रोगियों को कंबल, दवाएं, भोजन, हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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नगर पंचायत अध्यक्ष लता वर्मा ने पेयजल व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि तीसरे चौथे दिन भी लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। विभाग रिसाव भी नहीं रोक पाया है। जलकल अभियंता पवन बिष्ट ने व्यवस्था में किए गए सुधार की जानकारी दी। कहा रिसाव बंद करने का काम शुरू कर दिया गया है तथा पेयजल संयोजनों में टुल्लू पंप लगाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम सीएस डोबाल ने पेयजल की किल्लत को दूर करने के निर्देश दिए। 
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बैठक में एनएच के अधिकारियों की गैर मौजूदगी पर नाराजगी जताई गई। सीएमएस डा.मंजीत सिंह ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार का दावा किया। एसओ मनोज रतूड़ी ने यातायात व्यवस्था को ठीक करने का आश्वासन दिया। लोनिवि के ईई बीआर मिश्रा ने कहा कि कालू माहरा चौक से कालीढेक तक नालियों का निर्माण किया जाएगा। शिक्षाविद बीडी कलौनी, भैरव राय, नवीन मुरारी, प्रहलाद मेहता, धर्मानंद पांडेय, गोविंद वर्मा, ब्रजेश माहरा, किरन पुनेठा, रमा देवी, चंद्र सिंह आदि ने लो वोल्टेज तथा स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ठीक करने पर जोर दिया।
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दूसरे दिन भी रहे डॉक्टर कार्य बहिष्कार पर
दो माह से वेतन न मिलने से नाराज पीपीपी मोड में संचालित अस्पताल के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने शील प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनिट हेड रवि सिन्हा और स्थानीय प्रबंधक राजेंद्र जोशी के नेतृत्व में कर्मचारियों और डॉक्टरों ने अस्पताल में धरना दिया। कार्य बहिष्कार से रोगियों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए सीएमएस डा. मंजीत सिंह और डा. जितेंद्र जोशी ने रोगियों का उपचार किया। सीएमएस की ओर से हड़ताल को अवैधानिक बताते हुए सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया। उधर, डॉक्टरों ने शील प्रबंधन के अड़ियल रुख को देखते हुए आपात सेवा को भी प्रभावित करने की धमकी दी है। सीएमएस का कहना है कि चिकित्सा आवश्यक सेवाओं में शामिल है, जिसमें हड़ताल करने पर रोक लगी हुई है। यदि चिकित्सकों ने आवश्यक सेवाएं बंद की तो उनके खिलाफ आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उधर, डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें दो माह का वेतन मिलने के साथ भविष्य में उन्हें समय से वेतन देने की गारंटी नहीं दी जाती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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