{"_id":"58cd6e704f1c1b295a32bd68","slug":"rabi-crop-damage-to-hail-from-hail","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओलावृष्टि से पाटी में रबी की फसल को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओलावृष्टि से पाटी में रबी की फसल को नुकसान
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sat, 18 Mar 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
ओले
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शुक्रवार शाम हुई भारी ओलावृष्टि से क्षेत्र के दर्जनों गांव प्रभावित हुए है। ओलावृष्टि से रबी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। अंधड़ के साथ एकाएक ओलावृष्टि होने से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में गेहूं, जौ, सरसों, मसूर, मटर, टमाटर, बैगन सहित ही मौसमी फलों को भारी नुकसान पहुचा है।
क्षेत्र में बड़ी मात्रा में टमाटर व सब्जियों का उत्पादन होता है और यह समय पौधे तैयार करने का है। लेकिन ओलों की मार से सब्जियों के पौधे नष्ट हो गए हैं। जिससे काश्तकार परेशान हैं। ओलावृष्टि से पाटी, पूनाकोट, जौलाड़ी, किमाड़ी, तोली, रौलामेल, झुड़ेली, भट्यूड़ा, गूम, बसान, पटनगांव, सुनडुंगरा सहित अन्य भी कई गांव प्रभावित हुए है। जहां समय से वर्षा न होने के कारण किसान परेशान थे, वहीं रही-सही कसर ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। किमाड़ी के ललित मोहन गहतोड़ी एवं शेखर पचौली ने कहा कि उन्होंने टमाटर एवं सब्जियों के पौधे लगाए थे, खुले में होने के कारण से सभी पौधे नष्ट हो गए। पाटी की बसंती देवी ने बताया कि ओलों के कारण से उनकी सारी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने बताया कि इस क्षेत्र के अधिकांश काश्तकार केवल कृषि एवं सब्जी उत्पादन पर ही निर्भर हैं। ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों ने क्षति का आकलन कर उन्हें मुआवजा देने की मांग की है।
क्षेत्र में बड़ी मात्रा में टमाटर व सब्जियों का उत्पादन होता है और यह समय पौधे तैयार करने का है। लेकिन ओलों की मार से सब्जियों के पौधे नष्ट हो गए हैं। जिससे काश्तकार परेशान हैं। ओलावृष्टि से पाटी, पूनाकोट, जौलाड़ी, किमाड़ी, तोली, रौलामेल, झुड़ेली, भट्यूड़ा, गूम, बसान, पटनगांव, सुनडुंगरा सहित अन्य भी कई गांव प्रभावित हुए है। जहां समय से वर्षा न होने के कारण किसान परेशान थे, वहीं रही-सही कसर ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। किमाड़ी के ललित मोहन गहतोड़ी एवं शेखर पचौली ने कहा कि उन्होंने टमाटर एवं सब्जियों के पौधे लगाए थे, खुले में होने के कारण से सभी पौधे नष्ट हो गए। पाटी की बसंती देवी ने बताया कि ओलों के कारण से उनकी सारी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने बताया कि इस क्षेत्र के अधिकांश काश्तकार केवल कृषि एवं सब्जी उत्पादन पर ही निर्भर हैं। ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों ने क्षति का आकलन कर उन्हें मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन