अष्टमी पर 80 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
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टनकपुर (चंपावत)। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी है। अष्टमी पर्व पर 80 हजार से ज्याद श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया। वहीं, मेला क्षेत्र में कुछ स्थानों पर पेयजल की किल्लत बनी हुई है। होली के अगले दिन 25 मार्च से शुरू हुए मेले में तीर्थयात्रियों की आवाजाही का लगातार जारी है। अष्टमी पर भक्तों के अधिक संख्या में पहुुंचने से मां दर्शन के लिए परेशानी हुई। मुख्य मंदिर में देवी के बाद श्रद्धालु धाम क्षेत्र में स्थापित देवी की चमत्कारिक शक्ति के प्रतिक काली मंदिर, झूठे का मंदिर, भैरव मंदिर में भी पूजा-अर्चना कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।
मां के दर्शन को न सिर्फ वाहनों से बल्कि काफी संख्या में यात्री पैदल भी पहुंच रहे हैं। मां के डोले के साथ भक्तिगीतों पर थिरकती श्रद्धालुओं की टोलियों से समूचे क्षेत्र में मां के जयकारे की गूंज सुनाई पड़ रही है। इधर, भीड़ बढ़ने पर मेला क्षेत्र में पानी का संकट पैदा होने लगा है। टुन्यास, सिद्धमोड़, कालीमंदिर क्षेत्र में पेयजल किल्लत बनी है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम नरेश दुुर्गापाल ने मेला क्षेत्र का दौरा कर जिला पंचायत और ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार में भंडारा आयोजकों को सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है।
टनकपुर से लगे नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भारत-नेपाल के बीच आवाजाही कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को अष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से शारदा स्नानघाट के अलावा बनबसा के कैनाल मेला क्षेत्र, नेपाल बार्डर, नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव और महेंद्रनगर बाजार में खासी रौनक रही।
मां पूर्णागिरि धाम से सटी पहाड़ियों के जंगल में आग लगने से मेला क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। जलसंस्थान की योजनाओं के अलावा दुकानदारों ने ठुंगागाड़ जलस्रोत से कई किमी अपनी निजी पाइप लाइन बिछाकर जलापूर्ति की व्यवस्था कर रखी थी। बताया जाता है कि ठुंगागाड़ जलस्रोत के आसपास के जंगल में लगी आग से दुकानदारों की पाइप भी जलकर नष्ट हुई है। अब प्रभावित दुकानदार भी पानी के लिए जलसंस्थान की पेयजल व्यवस्था पर निर्भर हो गए हैं, जिस कारण मेला क्षेत्र में पानी की समस्या और बढ़ गई है। बताया गया कि दुकानदारों की निजी लाइन में लगा करीब एक लाख रुपये से अधिक कीमत का पाइप जल चुका है।