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शोपीस बना मां पूर्णागिरि धाम में लगा मोबाइल टावर
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Thu, 11 Aug 2016 10:37 PM IST
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मोबाइल टावर
- फोटो : अमर उजाला
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करीब दस माह पहले बीएसएनएल का टावर लगा तो अब तक संचार सुविधा से वंचित मां पूर्णागिरि धाम के भी संचार सुविधा से जुड़ने की उम्मीद जगी थी, लेकिन स्पष्ट रेंज न होने से बीएसएनएल की यह सुविधा नाकाम साबित हुई है। सेवा शुरू होने के कुछ दिनों के बाद से ही धाम क्षेत्र में टावर की रेंज की समस्या पैदा हो गई। कई बार विभाग के आला अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी अब तक विभाग ने संचार सेवा सुधारने की दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।
उत्तर भारत के सुविख्यात मां पूर्णागिरि धाम में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बूम से आगे जाते ही यात्री संचार सुविधा से कट जाते हैं। नेपाल बार्डर से लगा होने के कारण लंबेे समय तक संचार सुविधा से वंचित रहे इस धाम में गत वर्ष अक्तूबर में बीएसएनएल ने सेलागाड़ गांव के समीप करीब चार से पांच किमी हवाई रेंज का मोबाइल टावर खड़ा कर संचार सुविधा मुहैया कराई है, लेकिन पहाड़ियों और जंगल के अवरोध से समूचे क्षेत्र में टावर की रेंज नहीं पहुंचने से उपभोक्ताओं के मोबाइल सेट शोपीस बने हुए हैं।
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वहीं दर्शन को दूर-दराज से आ रहे यात्रियों को भी संचार सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पूर्णागिरि व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि विभाग के आला अधिकारियों से कई बार रेंज की समस्या दूर कराने का आग्रह किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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पूर्णागिरि धाम के सेलागाड़ में लगा मोबाइल टावर का मिनी लिंक अभी टनकपुर टावर से नहीं हो पाया है। पहाड़ियों और जंगल के अवरोध से कई स्थानों पर रेंज की समस्या है। सेलागाड़ टावर फिलहाल वीसेट से चल रहा है। वहां के टावर का मिनी लिंक टनकपुर के टावर से करने के लिए हल्द्वानी से इंजीनियरों की टीम आई थी, लेकिन पहाड़ियों और जंगल के अवरोध से लिंक नहीं हो पा रहा है। जल्द ही टनकपुर टावर से मिनी लिंक की समस्या को दूर कराया जाएगा।
-दीपक पासवान, सहायक तकनीकी अधिकारी, दूरसंचार विभाग टनकपुर।