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मां के जयकारों से गूंजा पूर्णागिरि धाम
ब्यूराे/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Fri, 25 Mar 2016 10:27 PM IST
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पूर्णागिरि मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में शुक्रवार से मेला शुरू हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी ने ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार में विधि-विधान से पूजा अर्चना और फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। मेला 83 दिनों तक चलेगा। पहले दिन करीब सवा लाख से ज्यादा लोग दर्शन के लिए मां के दरबार पहुंचे। भीड़ के कारण जगह-जगह जाम की स्थिति से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात पर नियंत्रण में पुलिस के पसीने छूटे रहे।
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धाम के प्रमुख पुजारी पं. भुवन चंद्र पांडेय के पुरोहित्य में मां पूर्णागिरि जयकारे के साथ विधिवत मेले का उद्घाटन हुआ। कैंप कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष अधिकारी ने कहा कि पूर्णागिरि मेला आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु गरीब तबके के होते हैं, जो भूखे-प्यासे रहकर भी देवी के दर्शन की इच्छा लेकर पहुंचते हैं।
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उन्होंने मेला ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से व्यवस्था के प्रति सजग रहने की हिदायत दी। एसपी डीएस कुंवर ने यात्रियों की सुरक्षा चाक-चौबंद रखने की बात कही। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने मेला क्षेत्र में पानी संकट की आशंका जताते हुए समय रहते व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने दर्शनार्थियों के लिए सभी विभागों से आपसी सामंजस्य स्थापित कर मेले की व्यवस्था दुरुस्त रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि को उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के लोग अपनी ईष्ट देवी मानते हैं।
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लाखों लोगों को रोजी-रोटी भी इस मेले के माध्यम से मां पूर्णागिरि दे रही है। नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, जिला दुग्ध संघ अध्यक्ष डा.अमर सिंह कुटियाल ने भी विचार रखे। मेला अधिकारी एएमए शेर सिंह परगांई ने बताया कि सफाई के लिए मेला क्षेत्र में 83 पर्यावरण मित्र तैनात किए गए हैं। ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक पथ प्रकाश की व्यवस्था के अलावा, यात्रियों के विश्राम के लिए ठुलीगाड़ और बूम घाट में टीनशेड बनाए गए हैं।
इस दौरान सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल वीसी शर्मा, बनबसा थानाध्यक्ष विनोद यादव, ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र खड़ायत, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, ऊषा गुरूंग, उमाकांत भट्ट, भवानी टम्टा, सीएमओ डा. वीके टोलिया, एमएस डा. एचएस ह्यांकी, जलसंस्थान के एई प्रेमजी श्रीवास्तव, जेई बीएस कुवार्बी, एसडीओ विद्युत बीएम भट्ट, रेंजर बूम बीके महरा, एआरएम पवन मेहरा, एआरटीओ रश्मि भट्ट, बीके सिंह, विशन सिंह महर, आनंद महर, नेत्र बल्लभ तिवारी आदि मौजूद थे।
भिखारियों पर है पूर्ण प्रतिबंध
मां पूर्णागिरि धाम में गत वर्ष की तरह इस बार भी भिखारी नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस ने भिखारियों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया है। बता दें कि बहरूपिये भिखारी राह चलते यात्रियों से जोर-जबरदस्ती कर भीख देने को विवश करते थे, लेकिन एसपी डीएस कुंवर के निर्देश पर गत वर्ष से यात्रियों को भिखारियों से मुक्ति मिली है।
भंडारों से यात्रियों को मिल रही राहत
पूर्णागिरि मेले में लगे भंडारों से यात्रियों को राहत मिल रही है। देवी के भक्तों द्वारा हर बार ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर कई भंडारे लगाकर यात्रियों को भोजन कराया जाता है। इस बार भी मेला शुरू होने के साथ ही देवी भक्तों ने भंडारे लगाकर यात्रियों की सेवा शुरू कर दी है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि भंडारा लगाने को ठुलीगाड़ में स्थान तय किया गया है। भंडारा आयोजकों को यात्रियों की सेवा के साथ ही सफाई का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।