पूर्णागिरि मेला
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में मेले के दूसरे दिन भी आस्था का भारी सैलाब उमड़ा। करीब डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं को नीचे ही बूम पर रोकना पड़ा। मैदान को जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण रोडवेज को भी पूर्णागिरि रूट पर लगाई बसें हटाकर मैदानी रूट पर भेजनी पड़ी। इधर, मेले की व्यवस्थाएं अब भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ पाई हैं। फोर्स की कमी से अफरा-तफरी का माहौल बना है। चिकित्सा कैंप तक शुरू नहीं हो पाए हैं।
उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला शुरू होते ही पूर्णागिरि और शहर क्षेत्र में रौनक बढ़ गई है। पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव और महेंद्रनगर में भी मेले से खासी रौनक बनी है। होली के बाद हर साल भीड़ उमड़ने की जानकारी होने के बाद भी कई व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी न होने से श्रद्धालु परेशानी का सामना करते हैं। दर्शन के लिए लगी लाइन में धक्का-मुक्की से महिलाओं को भारी असुविधा हो रही है।
शनिवार को मेले के दूसरे दिन उम्मीद से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। दर्शन के लिए मुख्य मंदिर से काली मंदिर तक श्रद्धालुओं की पांच सौ मीटर लंबी लाइन लगी रही। भीड़ नियंत्रित करने को जहां पुलिस को कई स्थानों पर बैरिकेडिंग करनी पड़ी, वहीं बूम में भी यात्रियों को रोककर भीड़ नियंत्रित की गई। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम नरेश दुर्गापाल, सीओ आरएस रौतेला और कोतवाल वीसी शर्मा सुबह से ही भीड़ नियंत्रित करने में डटे रहे।
श्रद्धालुओं को चिकित्सा की सुविधा मुहैया कराने को इस बार एलोपैथिक चिकित्सा कैंप के लिए भैरव मंदिर और टुन्यास में स्थान तय हुआ है, लेकिन कैंपों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। अलबत्ता ठुलीगाड़ में लगाया गया आयुर्वेदिक चिकित्सा कैंप मेले के पहले दिन ही शुरू हो चुका है।
चिकित्सा अधीक्षक डा.एचएस ह्यांकी का कहना है कि भैरव मंदिर का चिकित्सा कैंप शनिवार दोपहर से शुरू कर दिया गया है। टुन्यास कैंप का सामान नहीं पहुंचने से वह शुरू नहीं किया जा सका है। रविवार से टुन्यास कैंप भी शुरू हो जाएगा।
टनकपुर शारदा घाट में स्नान के लिए भीड़ उमड़ने से खासी रौनक बनी है, लेकिन वहां भी व्यवस्थाओं के अभाव में अफरा-तफरी का माहौल बना है। विश्राम स्थल पर भंडारा लगने से शनिवार को श्रद्धालु विश्राम के लिए इधर-उधर भटकते रहे। सफाई के भी पुख्ता इंतजाम न होने से जहां-तहां गंदगी फैली है। फोर्स के अभाव का असर सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
शारदा स्नानघाट में भीड़ के बीच उचक्कों का गिरोह भी सक्रिय हो गया है। शनिवार सुबह उचक्कों ने लखीमपुर जिले से आए सोम सिंह के दो मोबाइल फोन और शाहजहांपुर से आए श्रद्धालु बंटी का एक मोबाइल फोन चुरा लिया। पीड़ित श्रद्धालुओं ने घाट में तैनात पुलिस कर्मियों को घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने उचक्कों की धर-पकड़ का प्रयास तक नहीं किया।
मां पूर्णागिरि धाम में भीड़ से बचने और जल्दी पहुंचने के चक्कर में श्रद्धालु ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर के बीच जान-जोखिम में डालकर पहाड़ी के शार्टकट रास्तों से आवाजाही कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
बता दें कि इन शार्टकट रास्तों से आवाजाही करते वक्त हर साल कई यात्री घायल होते रहे हैं। इस बार भी यात्री जल्द पहुंचने के चक्कर में इस तरह का जोखिम उठा रहे हैं। ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खड़ायत का कहना है कि बाहरी जिलों का फोर्स पहुंचने के बाद शार्टकट रास्तों पर पुलिस जवान तैनात कर इस पर रोक लगाई जाएगी।