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आपदा में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने से गुस्से में ग्रामीण
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लधिया घाटी में बदहाल स्वास्थ्य, सड़क सुविधा को लेकर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश के नेतृत्व में ?
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। लधिया घाटी क्षेत्र में आपदा के बाद हुए नुकसान की भरपाई न होने, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और विद्यालयों में स्टाफ की कमी पर क्षेत्रीय लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल्द समस्याओं का समाधान न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
राज्य आंदोलनकारी परिषद हिमेश कलखुड़िया ने लधिया घाटी क्षेत्र का दो दिनी दौरा कर समस्याएं सुनीं। रीठा साहिब, साल, टांण, मछियाड़, कुलियालगांव, बिनवालगांव, परेवा, धरसों आदि क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान लोगों ने तीन माह पूर्व आई आपदा में हुए नुकसान में अधिकतर लोगों को राहत राशि न मिलने, घाटी क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, सड़क सुधारने स्कूलों में स्टाफ बढ़ाने की मांग की।
इस दौरान हिमेश के नेतृत्व में ग्रामीणों ने समस्याएं सुलझाने के लिए प्रदर्शन किया। हिमेश ने कहा कि डीएम को समस्याएं बताकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रताप सिंह बोरा ने बताया कि आपदा राहत के चेक बांटने में अनावश्यक देरी की जा रही है। तिलोमनी भट्ट, नरेश जोशी, किशन राम, प्रकाश भट्ट, रघुवर सिंह, महेश जोशी, रमेश सिंह, किशन सिंह आदि ने समस्या सुलझाने की मांग की है।
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15 दिन में उखड़ गया डामर
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश की चार किमी लंबी सड़क पूरी होने से पहले घटिया गुणवत्ता की शिकार हो गई है। इस सड़क का डामर उखड़ने लगा है। ग्रामीणों ने गुणवत्ता सुधारने की मांग की है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। प्रधानमंत्री सड़क योजना से नेपाल सीमा से लगे मंच-दुबड़जैनल की चार किमी लंबी सड़क का 2.34 करोड़ रुपये से निर्माण किया जा रहा है। डामर शुरू होने के साथ ही उखड़ने भी लगा है। 15 दिन में डामर उखड़ने से नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। सड़क की गुणवत्ता में सुधार न करने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ठंडे मौसम और गिरते तापमान को देखते हुए डामरीकरण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी गुणवत्ता में कमी पाई जाएगी, वहां फिर से काम करने के लिए कहा गया है। ठेकेदार का पूरा भुगतान करने से पहले केंद्र की टीम गुणवत्ता की जांच करेगी।
- एपी जोशी, ईई, पीएमजीएसवाई खंड, चंपावत।
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राज्य आंदोलनकारी परिषद हिमेश कलखुड़िया ने लधिया घाटी क्षेत्र का दो दिनी दौरा कर समस्याएं सुनीं। रीठा साहिब, साल, टांण, मछियाड़, कुलियालगांव, बिनवालगांव, परेवा, धरसों आदि क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान लोगों ने तीन माह पूर्व आई आपदा में हुए नुकसान में अधिकतर लोगों को राहत राशि न मिलने, घाटी क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, सड़क सुधारने स्कूलों में स्टाफ बढ़ाने की मांग की।
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इस दौरान हिमेश के नेतृत्व में ग्रामीणों ने समस्याएं सुलझाने के लिए प्रदर्शन किया। हिमेश ने कहा कि डीएम को समस्याएं बताकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रताप सिंह बोरा ने बताया कि आपदा राहत के चेक बांटने में अनावश्यक देरी की जा रही है। तिलोमनी भट्ट, नरेश जोशी, किशन राम, प्रकाश भट्ट, रघुवर सिंह, महेश जोशी, रमेश सिंह, किशन सिंह आदि ने समस्या सुलझाने की मांग की है।
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15 दिन में उखड़ गया डामर
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश की चार किमी लंबी सड़क पूरी होने से पहले घटिया गुणवत्ता की शिकार हो गई है। इस सड़क का डामर उखड़ने लगा है। ग्रामीणों ने गुणवत्ता सुधारने की मांग की है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। प्रधानमंत्री सड़क योजना से नेपाल सीमा से लगे मंच-दुबड़जैनल की चार किमी लंबी सड़क का 2.34 करोड़ रुपये से निर्माण किया जा रहा है। डामर शुरू होने के साथ ही उखड़ने भी लगा है। 15 दिन में डामर उखड़ने से नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। सड़क की गुणवत्ता में सुधार न करने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ठंडे मौसम और गिरते तापमान को देखते हुए डामरीकरण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी गुणवत्ता में कमी पाई जाएगी, वहां फिर से काम करने के लिए कहा गया है। ठेकेदार का पूरा भुगतान करने से पहले केंद्र की टीम गुणवत्ता की जांच करेगी।
- एपी जोशी, ईई, पीएमजीएसवाई खंड, चंपावत।