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जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को वरीयता दें :सीडीओ
Wed, 03 Jul 2019 11:25 PM IST
kamlesh kamlesh
अमर उजाला, ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला, ब्यूराे चंपावत।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Wed, 03 Jul 2019 11:25 PM IST
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अधिकारियों की बैठक में जिला योजना के कार्यो की समीक्षा करतें चंपावत के मुख्य विकास अधिकारी टीएस मर्तोलिया।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य विकास अधिकारी टीएस मर्तोलिया ने प्राथमिकता वाले प्रस्तावित कार्यों की पत्रावली तत्काल तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, जल संवर्द्धन, पौधरोपण, चाल-खाल निर्माण, वर्षा के पानी के संचय सहित प्राथमिकता के ऐसे कार्यों के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सभी औपचारिकताओं को बिना देरी किए पूरा किया जाए। कार्यों की गुणवत्ता के लिए मौका मुआयना करें।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एनबी बचखेती ने बताया कि जिला योजना के तहत अनुमोदित 35.31 करोड़ रुपये के सापेक्ष 11.63 करोड़, राज्य योजना में 78.26 करोड़ के सापेक्ष 8.18 करोड़, केंद्रपोषित योजना में 110.38 करोड़ के सापेक्ष 7 करोड़ और वाह्य सहायतित योजना में 1.93 करोड़ के सापेक्ष पांच लाख रुपये की राशि शासन से अवमुक्त हुई है। वाह्य सहायतित योजना में अवमुक्त राशि का शत-प्रतिशत, केंद्रपोषित में 75.12 प्रतिशत और राज्य योजना में 10 प्रतिशत राशि खर्च हो सकी है। बैठक में परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट, सीईओ आरसी पुरोहित, सीवीओ डॉ.बीएस जंगपांगी, डीईओ सत्यनारायण, जल निगम के अधिशासी अभियंता बीके जोशी, ग्रामीण विकास विभाग के ईई केके जोशी, लोनिवि के ईई डीडी भट्ट, जल संस्थान के बिलाल युनूस, ऊर्जा निगम के राजेश कुमार आदि अधिकारी मौजूद थे।
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जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एनबी बचखेती ने बताया कि जिला योजना के तहत अनुमोदित 35.31 करोड़ रुपये के सापेक्ष 11.63 करोड़, राज्य योजना में 78.26 करोड़ के सापेक्ष 8.18 करोड़, केंद्रपोषित योजना में 110.38 करोड़ के सापेक्ष 7 करोड़ और वाह्य सहायतित योजना में 1.93 करोड़ के सापेक्ष पांच लाख रुपये की राशि शासन से अवमुक्त हुई है। वाह्य सहायतित योजना में अवमुक्त राशि का शत-प्रतिशत, केंद्रपोषित में 75.12 प्रतिशत और राज्य योजना में 10 प्रतिशत राशि खर्च हो सकी है। बैठक में परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट, सीईओ आरसी पुरोहित, सीवीओ डॉ.बीएस जंगपांगी, डीईओ सत्यनारायण, जल निगम के अधिशासी अभियंता बीके जोशी, ग्रामीण विकास विभाग के ईई केके जोशी, लोनिवि के ईई डीडी भट्ट, जल संस्थान के बिलाल युनूस, ऊर्जा निगम के राजेश कुमार आदि अधिकारी मौजूद थे।
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