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पूर्णागिरि मेला शुरू, सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Sat, 23 Mar 2019 10:57 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sat, 23 Mar 2019 10:57 PM IST
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सुप्रसिद्व मां श्री पूर्णागिरि धाम में मेले का उद्घाटन करते मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती।
- फोटो : प्रतीकात्मक
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उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां श्री पूर्णागिरि मेला शनिवार से शुरू हो गया है। इस बार मेला 23 मार्च से 15 जून तक (85 दिन) चलेगा। मेले का विधिवत शुभारंभ होते ही समूचा क्षेत्र जय माता दी के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा है। शनिवार को सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए।
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शनिवार को नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायाधीश आरसी खुल्बे ने भी परिवार के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वहीं जाम से बेहाल हुए सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन किए बिना ही लौट गए हैं।
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ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर देवी मां की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। मेले के पहले दिन शनिवार को मां के धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से मेला प्रशासन के पसीने छूट गए। सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से यातायात व्यवस्था डगमगा गई।
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जगह-जगह जाम से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जाम लगने से पुलिस ने वाहनों को रात दस बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक ककरालीगेट बैरियर पर ही रोके रखा, जिसके चलते सुबह सात बजे तक ककरालीगेट से ज्ञानखेड़ा तक ढाई किमी. राजमार्ग पर घंटों जाम लगा रहा। पर्वतीय रूट की रोडवेज बसें भी जाम में फंसीं रहीं।
जाम से परेशान सैकड़ों यात्री मां के दर्शन किए बगैर ही लौट गए। धाम में भीड़ का आलम यह रहा कि दर्शन के लिए छह से आठ घंटे तक श्रद्धालुओं को लाइन में खड़े रहना पड़ा। चार जगहों पर बैरिकैडिंग कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा। इस बार मेले की अवधि 23 मार्च से 15 जून तक 85 दिन तय की गई है।
मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के पुरोहित्य में हुए उद्घाटन कार्यक्रम में सीओ नरेश चंद, मेला अधिकारी एएमए भगवत पाटनी, लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट, जल संस्थान के जेई बीएस कुवार्बी, जेई विद्युत नरेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
..तो लोकसभा चुनाव तक भगवान भरोसे रहेगी मेले की सुरक्षा व्यवस्था
राजेश देउपा
टनकपुर। पूर्णागिरि मेले के दो दिनों में श्रद्धालुओं की रिकार्ड भीड़ ने मेला प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। लोकसभा चुनाव के कारण मेले के लिए फोर्स नहीं मिल पाई है जिसके चलते मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुरक्षा की मौजूदा स्थिति से लगता है इस बार कम से कम लोकसभा चुनाव तक तो मेले की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे रहेगी।
मेले के लिए हर साल जिले के साथ ही बाहरी जिलों में पर्याप्त पुलिस फोर्स मिलती है, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। 11 अप्रैल को राज्य में होने वाले लोकसभा चुनाव के कारण बाहरी जिलों से फोर्स नहीं मिल पा रही है। बाहर से एक कंपनी पीएसी और डेढ़ सेक्शन एसडीआरएफ के अलावा कोई फोर्स नहीं पहुंची है। हालांकि, फोर्स की कमी से निपटने के लिए प्रशासन ने मानदेय पर 30 स्वयंसेवक तैनात किए हैं, लेकिन मेले में भीड़ को देखते हुए मौजूदा फोर्स और स्वयंसेवकों की संख्या सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त नहीं है। स्नानघाटों पर भी सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हो पाए हैं। शारदा स्नानघाट के करीब तीन किमी. दायरे में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए अब तक जल पुलिस के दो तैराक ही तैनात हैं। यहीं हाल बूम स्नानघाट का भी हैं। वहां करीब डेढ़ किमी. के दायरे में जल पुलिस का एक तैराक जवान तैनात किया गया है। इसके अलावा भारत-नेपाल मार्ग, बस स्टेशन आदि भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी फिलहाल सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती का कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद ही बाहरी जिलों से फोर्स मिल सकेगा।
श्रद्धालुओं ने भूखे रहकर फुटपाथों पर बिताई रात
शुक्रवार की देर शाम से ही पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि दूरदराज से आए कई भक्तों को फुटपाथों पर ही भूखे रहकर रात बितानी पड़ी। शहर के होटल और धर्मशालाएं शाम होते ही भर चुके थे। भोजनालयों में भी खाना खत्म होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बताया गया कि रात दस बजे बाद श्रद्धालु रात्रि विश्राम और खाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
नहीं लगी फेस रीडिंग मशीन
मेले में व्यवस्थाओं को लेकर पिछले दिनों हुई बैठक में तय हुआ था कि पूर्णागिरि दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की सही संख्या जानने को काली मंदिर में फेस रीडिंग मशीन लगेगी, लेकिन अब तक यह मशीन नहीं लग पाई है।
पेयजल व्यवस्था नहीं हुई दुरुस्त
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ ही मां पूर्णागिरि धाम का सरकारी मेला शुरू हो गया है, लेकिन मेला क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था अब भी पटरी पर नहीं आ पाई है। मेले के उद्घाटन मौके पर पानी की समस्या उठी। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने कहा कि पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने को न तो कर्मचारी तैनात हुए है और न ही जेई। इसके चलते मेला क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था अब भी कई स्थानों पर ठीक नहीं हो पाई है।
दो दिन में सवा सौ लोग भीड़ में अपनों से बिछुड़े, मिले
मां पूर्णागिरि धाम में उमड़ी भीड़ में दो दिन के अंदर करीब सवा सौ श्रद्धालु अपनों से बिछुड़ गए थे, लेकिन मेले की खोया-पाया इंटरकॉल व्यवस्था से वे अपनों के पास पहुंच गए। ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खड़ायत ने बताया कि फिलहाल ऐसा कोई मामला नहीं आया है जो भीड़ में बिछुड़ा और फिर अपनों से नहीं मिल पाया हो।
कुमाऊं का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य देख गदगद हुए श्रद्धालु
मेले के उद्घाटन मौके पर बाहर से आए श्रद्धालुओं को कुमाऊं के प्रसिद्ध छोलिया नृत्य की झलक भी देखने को मिली। छोलिया कलाकारों की शानदार प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया।
सिद्धनाथ बाबा के दर्शनों को भक्त पहुंचे नेपाल
बनबसा (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के भक्तों का सिद्धनाथ बाबा के दर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है। शनिवार को बड़ी संख्या में बनबसा से नेपाल स्थित सिद्धनाथ बाबा के दर्शनों को भक्त शारदा बैराज मार्ग से नेपाल को गए। होली पर्व के बाद मां पूर्णागिरि धाम मेले के शुभारंभ से पूर्व मंदिर में शीश नवा चुके भक्त शनिवार को बड़ी संख्या में नेपाल के महेंद्रनगर स्थित सिद्धनाथ बाबा के दर्शनों को गए। शारदा बैराज चौकी प्रभारी एसआई गोविंद सिंह बिष्ट ने बताया कि करीब दो से ढाई हजार श्रद्धालुओं ने सिद्धनाथ बाबा के दर्शन किए। रविवार को भक्तों की संख्या में इजाफा होने की उमीद है।