फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   political

बाराकोट और सैलपेडू में एक वोट के अंतर से जीते बीडीसी सदस्य

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2019 10:24 PM IST
विज्ञापन
political
प्रतीकात्मक
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना निपटने के बाद जहां विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच हार और जीत के कारणों की समीक्षा की जा रही है। वहीं मतगणना के दौरान कुछ सीटों पर बेहद कांटे की टक्कर रही।
विज्ञापन

पाटी विकासखंड के चौड़ाकोट में ग्राम प्रधान पद पर जीत का अंतर एक वोट का रहा। इसके अलावा क्षेत्र पंचायत सैलपेडू और बाराकोट में भी हारजीत का अंतर महज एक ही वोट रहा। इसके अलावा एक से लेकर दस वोटों के अंतर से सौ से अधिक प्रत्याशियों के बीच हार-जीत तय हुई। जबकि कई स्थानों पर हार-जीत के अंतर से निरस्त वोट अधिक रहे।
विज्ञापन

पाटी विकासखंड के चौड़ाकोट में ग्राम प्रधान पद पर आशा मौनी ने ममता मौनी को एक वोट से हरा दिया। यहां आशा मौनी को 169 और ममता मौनी को 168 वोट मिले। लोहाघाट विकासखंड के सैलपेडू अनारक्षित बीडीसी सीट पर उमेद सिंह को 185 और भीमदत्त को 186 वोट मिले। इस सीट पर 713 वोटों में 28 वोट खारिज किए गए। इसी प्रकार बाराकोट क्षेत्र पंचायत सीट पर भी हार जीत का अंतर एक ही वोट रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां डाले गए 886 वोटों में जगदीश सिंह अधिकारी को 316 और प्रत्याशी प्रहलाद सिंह अधिकारी को 315 वोट मिले। जबकि 30 मत खारिज कर दिए गए। इसके अलावा पंचायत की सौ से अधिक सीटें ऐसी रहीं जहां हार-जीत का अंतर एक से दस वोट तक ही रहा।
इसमें तामली में ग्राम प्रधान भावना जोशी पांच मतों के अंतर से जीतीं तो मैरोली ग्राम प्रधान पर भाजपा उपाध्यक्ष मुकेश कलखुड़िया केवल सात वोटों से जीते। इसी प्रकार चौड़ा राजपुरा बीडीसी सीट पर राजेश उप्रेती ने दस वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
लोकतंत्र में है एक-एक वोट की कीमत
चंपावत। लोकतंत्र के महापर्व में गांव की सरकार बनाने में एक-दो वोटों से हारे प्रत्याशियों को यह हार लंबे समय तक चुभन देती रहेगी। आखिरकार एक दो वोटों के अंतर से हार जीत तय होने पर प्रत्याशियों को मालूम हो गया कि लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत होती है।

निरस्त वोटों ने की नोटा की कमी पूरी
चंपावत। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह भले ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रत्याशी को नकारने का नोटा का विकल्प उपलब्ध नहीं था लेकिन पंचायत के विभिन्न पदों के लिए हुई मतगणना में निरस्त और अवैध वोटों ने नोटा की कमी को पूरा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed