फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Police-station

न मोबाइल नेटवर्क, न अपना भवन

Sun, 08 Nov 2015 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 08 Nov 2015 10:31 PM IST
विज्ञापन
Police-station

नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र में थाना खुले करीब एक दशक बीत गया, लेकिन अब तक इस थाने के पास अपना भवन नहीं है। पटवारी चौकी पर यहां का थाना चल रहा है, लेकिन इसकी दिक्कत इससे आगे की है। यहां मोबाइल नेटवर्क अमूमन है नहीं। और थाने का अपना लैंडलाइन फोन भी नहीं है। वजह यह कि यहां बीएसएनएल या किसी लैंडलाइन फोन की लाइन ही नहीं है।

विज्ञापन


करीब दस साल पहले जिले में तीन नए थाने स्वीकृत हुए थे। इन्हीं थानों में से एक तामली भी है। यहां से करीब 52 किलोमीटर दूर तामली में मंजूर इस थाने का मुख्यालय मंच गांव में है पर यहां भी यह थाना में कर्मी बेहद कठिनाइयों के बीच काम कर रहे हैं। मंच स्थित पटवारी चौकी के दो कमरों में यह थाना किसी तरह से संचालित है। ऐसे में शस्त्र, रिकार्ड और अन्य जरूरी सामग्री की सुरक्षा भी चुनौती बनती है। वहीं, पुलिस कर्मियों के रहने के लिए आवास भी नहीं हैं।
विज्ञापन


ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति भी अनियमित रहती है। बिजली की कमी थाने के कामकाज को प्रभावित करती है। पुलिस का कहना है कि कई बार दो-तीन दिन बिजली गुल रहती है और मंच में लगे मोबाइल टावर पर भी इसका असर पड़ता है। नतीजा टोटल नेटवर्क फेल होने के तौर पर सामने आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तामली थाने की सबसे बड़ी परेशानी नेटवर्क का न होना है, जिस वजह से आम फरियादी या दूसरे कार्यों के लिए थाने से संपर्क में दिक्कत आती है। बिजली के अक्सर गुल रहने से उजाले के अलावा बैटरी चार्जिंग में भी परेशानी होती है। -जनार्दन भट्ट, थानाध्यक्ष, तामली।

स्टाफ भी आधा-अधूरा
तामली थाने में बुनियादी ढांचा ही कमजोर नहीं है, बल्कि स्टाफ भी अपर्याप्त है। कांस्टेबलों की जबर्दस्त कमी है। 11 के सापेक्ष मात्र 7 कांस्टेबल तैनात है। वहीं एक भी महिला पुलिस कर्मी नहीं है।


थाने का तो अभी काम भी शुरू नहीं
नेपाल सीमा से लगे तामली थाना तो जुगाड़ से चल ही रहा है, वहीं अब तक थाने के भवन का निर्माण भी शुरू नहीं हो सका है। बताया गया कि जमीन की तलाश पूरी होने के बाद जल्द ही भवन निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed