फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Poetry Forum in the cultural conscience of Champawat

चंपावत में सांस्कृतिक चेतना मंच की काव्य गोष्ठी

Sun, 26 Jun 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 26 Jun 2016 10:16 PM IST
विज्ञापन
Poetry Forum in the cultural conscience of Champawat
चंपावत में सांस्कृतिक चेतना मंच की काव्य गोष्ठी - फोटो : अमर उजाला

सांस्कृतिक चेतना मंच के तत्वावधान में हुई काव्य गोष्ठी में मौजूदा दौर से लेकर विभिन्न विषयों पर कटाक्ष किए गए। जीआईसी के प्रवक्ता डा.कीर्तिबल्लभ सक्टा ने वर्तमान हालात पर ये कटाक्ष किया-दशा देश की देख अरे अब लगता है डर, नेता हुए अनेक बना उनका दल हर घर। रिटायर्ड प्रधानाचार्य डा.तिलक राज जोशी ने कहा-देश-देश में जाति-जाति में, धर्म बदल जाते हैं, बात-बात में मानव-मानव बात बदलते जाते हैं।

विज्ञापन


जनकवि डा.प्रकाश चंद्र जोशी शूल ने नशाखोरी के खिलाफ ऐसे जागरण किया-शराब तंबाकू बीड़ी गुटखा शरीर के हैं दुश्मन, त्वरित त्यागने को इन्हें शूल देता है तुमको सम्मन। पीजी कॉलेज के रिटायर्ड प्राचार्य डा.डीडी जोशी ने कहा-जाति धर्म और संस्कारों पर हर कोई करता है चर्चा, टीवी और मोबाइल पर भी हर कोई करता है चर्चा, डा.भुवन चंद्र जोशी ने कहा-कब से जलाते आ रहे रावण-वह जलता नहीं, विडंबना कैसे न जाने रावण कभी मरता नहीं, सुभाष जोशी ने ये कहा-कुछ हंसता, कुछ रोता जीवन, कुछ खोता, कुछ पाता जीवन सुनाई, अंजू पांडेय ने ये कविता पेश की-काल चक्र चल पड़ा, झूठ क पुलिंदा बना, राह सरे बिक रहा, बुद्धि कंगाल हुई।
विज्ञापन


राम प्रसाद आर्य, पुष्कर सिंह बोहरा, बबीता जोशी, कमला जोशी, डा.विष्णु दत्त भट्ट सरल, नेहा पंत, डा.सतीश पांडेय ने भी कविता पाठ किया। इस मौके पर संजय बोहरा, नीरज जोशी, चंपात जोशी आदि मौजूद थे। गोष्ठी के अंत में मंच के सदस्य और पशुधन प्रसार अधिकारी हिमांशु जोशी की मां के निधन पर शोक जताया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed