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विशेष बैठक बुलाकर मूलधन के भुगतान का प्रस्ताव पास 

Wed, 10 May 2017 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर Updated Wed, 10 May 2017 01:13 AM IST
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Payment proposal pass
Rupee Shimla

टनकपुर (चंपावत)। नौ प्रतिशत ब्याज के साथ आठ सप्ताह के अंदर रिटायर्ड कर्मचारियों के लंबित देयकों का भुगतान करने का हाइकोर्ट का आदेश आने पर पालिका बोर्ड और प्रशासन हरकत में आ गया है। आदेश पहुंचने के बाद आनन-फानन में विशेष बैठक बुलाकर बोर्ड ने राज्य वित्त में बढ़ी धनराशि से रिटायर्ड कर्मचारियों को मूलधन का भुगतान करने का निर्णय लिया है।

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नगर पालिका के रिटायर्ड कर्मचारी राकेश ठाकुर, उदय सिंह, मो. खलील और खलीक अहमद ने रिटायर्डमेंट के बाद मिलने वाले लाभों का भुगतान न होने पर हाइकोर्ट की शरण ली थी। करीब आठ माह पहले इस मामले में हाइकोर्ट ने प्रदेश शासन से पूछा था कि जब नगर पालिका, कर्मचारियों के लंबित देयकों का भुगतान करने में समर्थ नहीं है तो क्यों न पालिका बोर्ड को भंग कर दिया जाए।
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इस पर शासन ने हलफनामा दाखिल कर कोर्ट से कुछ समय मांगा था। मामले में 11 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकल खंडपीठ ने आठ हफ्ते के अंदर रिटायर्ड कर्मचारियों को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लंबित देयकों का भुगतान करने का आदेश दिया है।
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आदेश पहुंचने पर पालिका बोर्ड ने विशेष बैठक बुलाकर रिटायर्ड कर्मचारियों को सिर्फ मूलधन का भुगतान करने का प्रस्ताव पास किया है। बोर्ड ने शहरी विकास मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक में शहर हित के प्रस्ताव मंत्री के समक्ष रखने की संस्तुति भी की है। संचालन ईओ शेखर चंद्र जोशी ने किया। बैठक में सभासद हसीब अहमद, गिरीश खर्कवाल, राजेंद्र रजवार, शोभा देवी, मुकेश साहू, विधायक प्रतिनिधि सुनील बाल्मीकि, वरिष्ठ लिपिक बसंतराज चंद, विनोद बिष्ट मौजूद थे।


रिटायर्ड कर्मचारियों के लंबित देयकों का फिलहाल मूलधन का भुगतान करने का फैसला लिया गया है। कोर्ट ने मसूरी नगर पालिका के मामले को नजीर मानते हुए नौ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने के आदेश दिए हैं, लेकिन यह आदेश उस स्थिति पर है जब बजट होने के बावजूद पालिका द्वारा भुगतान न किया गया हो। इस मामले पर पालिका के अधिवक्ता से कानूनी सलाह ली जाएगी। -शेखर चंद्र जोशी, ईओ नगर पालिका परिषद, टनकपुर।

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