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आशा कार्यकत्रियों को दो साल बाद मिली बकाया रकम
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चंपावत। आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन रंग लाया। उन्हें 2017-18 के बकाई रकम 7757 रुपये मिल गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवा देने वाली आशा कार्यकर्ता लंबे समय से इस मानदेय की मांग कर रही थीं। साथ ही बीते वित्त वर्ष (2019-20) के चार महीने दिसंबर से मार्च तक के आठ हजार रुपये भी अवमुक्त कर दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि स्वास्थ्य महानिदेशालय से चंपावत जिले की 309 आशा कार्यकर्ताओं की ये बकाया रकम रिलीज हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ इस रकम के मिलने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं ने बगैर अतिरिक्त मानदेय के कोविड-19 से संबंधित अतिरिक्त कार्य करने से इंकार कर दिया है। इन कार्यकर्ताओं को गांवों में घर-घर जाकर 65 साल से अधिक, दस साल तक के बच्चे, गांव के लोगों की बुखार, खांसी आदि बीमारियों का सर्वे करना था। इस सर्वे को 30 जून तक पूरा किया जाना था, लेकिन कार्यकर्ताओं ने इस काम को अभी शुरू ही नहीं किया है।
आशा कार्यकर्ता संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष रुकमणि जोशी का कहना है कि वे पहले से डिलिवरी, टीकाकरण के मूल काम के अलावा ग्रामीण क्वारंटीन, होम क्वारंटीन के विवरण का काम कर रही हैं। ऐसे में सर्वे के काम को बगैर अतिरिक्त मानदेय के नहीं करेंगी। संगठन की जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा, हेमा जोशी, पुष्पा बिष्ट, पदमा पचौली आदि का कहना है कि इस संबंध में पहले ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को बताया जा चुका है।
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सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि स्वास्थ्य महानिदेशालय से चंपावत जिले की 309 आशा कार्यकर्ताओं की ये बकाया रकम रिलीज हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ इस रकम के मिलने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं ने बगैर अतिरिक्त मानदेय के कोविड-19 से संबंधित अतिरिक्त कार्य करने से इंकार कर दिया है। इन कार्यकर्ताओं को गांवों में घर-घर जाकर 65 साल से अधिक, दस साल तक के बच्चे, गांव के लोगों की बुखार, खांसी आदि बीमारियों का सर्वे करना था। इस सर्वे को 30 जून तक पूरा किया जाना था, लेकिन कार्यकर्ताओं ने इस काम को अभी शुरू ही नहीं किया है।
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आशा कार्यकर्ता संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष रुकमणि जोशी का कहना है कि वे पहले से डिलिवरी, टीकाकरण के मूल काम के अलावा ग्रामीण क्वारंटीन, होम क्वारंटीन के विवरण का काम कर रही हैं। ऐसे में सर्वे के काम को बगैर अतिरिक्त मानदेय के नहीं करेंगी। संगठन की जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा, हेमा जोशी, पुष्पा बिष्ट, पदमा पचौली आदि का कहना है कि इस संबंध में पहले ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को बताया जा चुका है।
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