फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Chalthi Bridge, Engineering Tanakpur-Pithoragarh National Highway 67 years old bridge

पहाड़ की लाइफ लाइन चल्थी पुल: इंजीनियरिंग का नायाब नमूना, 67 साल बाद भी इस पुल की खासियत बरकरार

Thu, 15 Sep 2022 05:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत।
संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत। Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Thu, 15 Sep 2022 05:09 PM IST
सार

लोनिवि के ईई विभोर सक्सेना बताते हैं कि खूबसूरती के अलावा मजबूती इस कदर है कि 1955 में बना चल्थी का पुल 67 साल बाद भी आवाजाही में उपयोग में आ रहा है। आपदाओं और अतिवृष्टि का बहादुरी से मुकाबला करने वाले इस पुल को निर्माण के बाद कभी मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ी।

विज्ञापन
Chalthi Bridge, Engineering Tanakpur-Pithoragarh National Highway 67 years old bridge
इंजीनियरिंग का नमूना वर्ष 1955 में बना चल्थी का पुल। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT

विस्तार

चल्थी का पुल इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है। खास वास्तु वाला यह पुल दो जिलों की लाइफ लाइन है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना यह पुल 67 साल बाद भी मैदान से पहाड़ को जोड़ने का सेतु बना है। देश की आजादी के बाद बने इस पुल के संकरा होने से यहां से एक समय में सिर्फ एक ही वाहन गुजरता है।

विज्ञापन


एनएच पर स्थित चल्थी में बना यह पुल बगैर किसी खंभों के सहारे खड़ा है। पुल का पूरा लोड उसके ऊपरी (धनुष आकार वाले ढांचे पर) हिस्से पर है। लोनिवि के ईई विभोर सक्सेना बताते हैं कि खूबसूरती के अलावा मजबूती इस कदर है कि 1955 में बना चल्थी का पुल 67 साल बाद भी आवाजाही में उपयोग में आ रहा है।
विज्ञापन


आरसीसी स्ट्रक्चर पर आधारित 110 मीटर लंबा और दस फीट चौड़ा यह पुल अब भी पूरे दमखम के साथ खड़ा है। कम संकरा होने से इस पुल से एक समय में एक ही वाहन गुजर सकता है। धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना की कई भारी-भरकम मशीनें और दूसरे उपकरण भी इस पुल से गुजरे। आपदाओं और अतिवृष्टि का बहादुरी से मुकाबला करने वाले इस पुल को निर्माण के बाद कभी मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ी। सिर्फ दो बार इसमें रंग-रोगन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Haridwar: राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक प्रदीप नेगी को शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने किया सम्मानित

लोनिवि के सहायक अभियंता ने बनाया था डिजायन
चल्थी में बने इस पुल का खूबसूरत डिजाइन पहाड़ पर काम करने वाले लोहाघाट लोनिवि के सहायक अभियंता पीएन मिश्रा ने बनाया था। उन्होंने इसका निर्माण भी कराया था। उस वक्त लोनिवि का लोहाघाट कार्यालय बरेली डिविजन के अंतर्गत आता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed