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अब फायर ब्रिगेड तरह मॉडल क्रू स्टेशन में रहेंगे वनकर्मी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 12:04 AM IST
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Now forest workers will stay in model crew station like fire brigade
Now forest workers will stay in model crew station like fire brigade
चंपावत। जिले में फायर सीजन के दौरान वनों में लगने वाली आग पर नियंत्रण पाने के लिए वन विभाग की ओर से स्थापित किया गया पहला मॉडल क्रू स्टेशन मददगार साबित होगा। मॉडल क्रू स्टेशन में आग से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों की तरह ही वन विभाग के कर्मचारी भी आधुनिक उपकरणों के साथ 24 घंटे लैस रहेंगे।
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वन विभाग की ओर से चंपावत जिले के बस्तिया क्षेत्र में करीब 19 लाख रुपये की लागत से पहले मॉडल क्रू स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। मॉडल क्रू स्टेशन में जीपीएस सिस्टम के साथ ही कई प्रकार के आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जो वनों में आग लगने की सूचना देने के साथ-साथ बचाव कार्य में मददगार साबित होंगे। प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल ने बताया कि गत वर्ष राज्य सरकार की ओर से प्रदेश भर में 44 स्थानों पर मॉडल क्रू स्टेशन खोलने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत चंपावत जिले को पहला मॉडल क्रू स्टेशन मिला था। इसका कार्य ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से पूरा कर लिया गया है। जल्द ही क्रू स्टेशन में पर्याप्त स्टाफ तैनात कर इसका संचालन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मॉडल क्रू स्टेशन में पूरे साल कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। वर्तमान में जिले में जंगल की आग से निपटने के लिए 55 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें दो से चार कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
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चंपावत जिले के बस्तिया में बने पहले मॉडल क्रू स्टेशन की शुरूआत जल्द की जाएगी। इस स्टेशन में वन विभाग की ओर से 12 से 15 कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की तरह आग बुझाने के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। - आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत।
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मानव वन्य जीव संघर्ष के दौरान भी होगा क्रू स्टेशन का उपयोग
चंपावत। फायर सीजन के बाद मॉडल क्रू स्टेशन का उपयोग मानव वन्य जीव संघर्ष के दौरान राहत कार्यों के लिए भी किया जाएगा। जिले के किसी भी क्षेत्र के जंगल में मानव वन्य जीव संघर्ष की स्थिति की सूचना मिलते ही क्रू स्टेशन में तैनात वनकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचेंगे। डीएफओ के अनुसार मॉडल क्रू स्टेशन फायर सीजन के अलावा पूूरे साल रेस्क्यू सेंटर के रूप में कार्य करेगा।
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