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केवल दो बार ही बने सांसद, विधायक
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कैप्टन भानी चंद। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
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बनबसा (चंपावत)। गौरव सेनानी कल्याण समिति के अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद ने लोकतंत्र में परिवर्तन की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में देश के सभी वर्ग, धर्म, समुदाय के लोगों को देश की बागडोर संभालने को मौका दिया जाना चाहिए। वे कहते हैं कि यह कैसा लोकतंत्र है जिसमें परिवार और पैसे वालों को देश की बागडोर संभालने का अवसर मिल रहा है। वे संविधान में भी बदलाव का सुझाव दे रहे हैं।
कैप्टन चंद का मानना है कि सांसद या विधायक का मौका एक व्यक्ति को अधिकतम दो बार ही मिलना चाहिए। सांसद, विधायकों के लिए कुछ सीटें अतिनिर्धन लोगों के लिए आरक्षित होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए मानकों में बदलाव होने चाहिए। शिक्षा, शारीरिक क्षमता, आयु के अलावा उन्हें ही चुनाव में प्रतिभाग करने का मौका दिया जाना चाहिए, जिन्होंने कम से कम पांच वर्ष सेना को दिए हों। इससे वे अनुशासित होंगे एवं सेना पर अनर्गल टिप्पणियों से भी बचेंगे। कहा कि देश में वंशवाद, परिवारवाद, पुराने राजघरानों के ही लोग ही देश की बागडोर संभालते रहेंगे।
किसान, सैनिक, कामगार, श्रमिक, व्यापारी, तकनीकी जानकारों को भी मौका दिया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि सांसद या विधायक के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष हो, दो बार सांसद, विधायक बने लोगों को तीसरा मौका न दिया जाए। जमानत जब्त होने वालों, साठ प्रतिशत से अधिक नोटा वोटिंग होने वालों को तीसरी बार चुनाव लड़ने से वंचित किया जाए। सांसद, विधायक के लिए पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक अधिकारियों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित हों।
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कैप्टन चंद का मानना है कि सांसद या विधायक का मौका एक व्यक्ति को अधिकतम दो बार ही मिलना चाहिए। सांसद, विधायकों के लिए कुछ सीटें अतिनिर्धन लोगों के लिए आरक्षित होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए मानकों में बदलाव होने चाहिए। शिक्षा, शारीरिक क्षमता, आयु के अलावा उन्हें ही चुनाव में प्रतिभाग करने का मौका दिया जाना चाहिए, जिन्होंने कम से कम पांच वर्ष सेना को दिए हों। इससे वे अनुशासित होंगे एवं सेना पर अनर्गल टिप्पणियों से भी बचेंगे। कहा कि देश में वंशवाद, परिवारवाद, पुराने राजघरानों के ही लोग ही देश की बागडोर संभालते रहेंगे।
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किसान, सैनिक, कामगार, श्रमिक, व्यापारी, तकनीकी जानकारों को भी मौका दिया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि सांसद या विधायक के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष हो, दो बार सांसद, विधायक बने लोगों को तीसरा मौका न दिया जाए। जमानत जब्त होने वालों, साठ प्रतिशत से अधिक नोटा वोटिंग होने वालों को तीसरी बार चुनाव लड़ने से वंचित किया जाए। सांसद, विधायक के लिए पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक अधिकारियों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित हों।
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