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न दो हजार से कम, न ज्यादा मिल रही रकम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Sun, 27 Nov 2016 10:55 PM IST
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एटीएम
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकों की दो दिन की छुट्टी रविवार को खत्म हो गई है। लेकिन सोमवार से भी लोगों को राहत मिलेगी, इसकी संभावना कम है। शनिवार और रविवार को महज तीन एटीएम काम करते रहे। स्थानीय लोगों की दिक्कतें अभी भी छोटे नोट न मिलना है। लोगों को एटीएम से सिर्फ 2000 रुपए का एक नोट मिल रहा है।
रविवार को एसबीआई के दो और पंजाब नेशनल बैंक के एक एटीएम के अलावा अन्य एटीएम काम नहीं कर रहे थे। एसबीआई चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि अन्य एटीएम मशीनों को ठीक कराया जा रहा है। जल्द ही अन्य एटीएम से भी रकम निकलना शुरू हो जाएगी। नागरिक अब भी राहत का इंतजार कर रहे हैं।
छोटे नोटों की किल्लत से छोटे कारोबारी परेशान
चंपावत। छोटे नोटों के लिए यहां लोग बुरी तरह से परेशान हो रहे हैं। छोटी करेंसी के नाम पर सिर्फ पांच व दस रुपए के सिक्के हैं। इसके अलावा छोटे कारोबारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। फल विक्रेता रतन सिंह का कहना है कि छुट्टे ने कारोबार पर मार की है। करीब 30 प्रतिशत का नुकसान हो रहा है। वक्त पर नहीं बिकने से फलों के खराब होने का भी खतरा है। फड़ में रेडिमेड का कारोबार करने वाले अबरार कुरैशी का कहना है कि छोटे नोटों की कमी से 45 प्रतिशत बिक्री कम हो गई है। कम सामान लेने के लिए भी ग्राहक बड़ा नोट दे रहे हैं। मूंगफली बेचने वाले जगेंद्रनाथ और कमल सक्टा का कहना है कि नोटबंदी की सबसे ज्यादा मार छोटे कारोबारियों पर पड़ रही है। ग्राहकों को धन वापस देने के लिए रुपए ही नहीं बचे हैं।
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10 के सिक्के लेने से मना कर रहे लोग
लोहाघाट (चंपावत)। नोटबंदी के चलते काफी लोग दस रुपए का सिक्का लेने से मना कर रहे हैं। इसे लेकर दुकानदारों और ग्राहकों में विवाद की भी नौबत आ रही है। स्टेट बैंक के अधिकारियों का कहना है कि दस के सिक्कों का बाकायदा चलन हैं। इसमें किसी प्रकार की कोई शंका नही हैं। लेने से इंकार करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को एसबीआई के दो और पंजाब नेशनल बैंक के एक एटीएम के अलावा अन्य एटीएम काम नहीं कर रहे थे। एसबीआई चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि अन्य एटीएम मशीनों को ठीक कराया जा रहा है। जल्द ही अन्य एटीएम से भी रकम निकलना शुरू हो जाएगी। नागरिक अब भी राहत का इंतजार कर रहे हैं।
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छोटे नोटों की किल्लत से छोटे कारोबारी परेशान
चंपावत। छोटे नोटों के लिए यहां लोग बुरी तरह से परेशान हो रहे हैं। छोटी करेंसी के नाम पर सिर्फ पांच व दस रुपए के सिक्के हैं। इसके अलावा छोटे कारोबारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। फल विक्रेता रतन सिंह का कहना है कि छुट्टे ने कारोबार पर मार की है। करीब 30 प्रतिशत का नुकसान हो रहा है। वक्त पर नहीं बिकने से फलों के खराब होने का भी खतरा है। फड़ में रेडिमेड का कारोबार करने वाले अबरार कुरैशी का कहना है कि छोटे नोटों की कमी से 45 प्रतिशत बिक्री कम हो गई है। कम सामान लेने के लिए भी ग्राहक बड़ा नोट दे रहे हैं। मूंगफली बेचने वाले जगेंद्रनाथ और कमल सक्टा का कहना है कि नोटबंदी की सबसे ज्यादा मार छोटे कारोबारियों पर पड़ रही है। ग्राहकों को धन वापस देने के लिए रुपए ही नहीं बचे हैं।
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10 के सिक्के लेने से मना कर रहे लोग
लोहाघाट (चंपावत)। नोटबंदी के चलते काफी लोग दस रुपए का सिक्का लेने से मना कर रहे हैं। इसे लेकर दुकानदारों और ग्राहकों में विवाद की भी नौबत आ रही है। स्टेट बैंक के अधिकारियों का कहना है कि दस के सिक्कों का बाकायदा चलन हैं। इसमें किसी प्रकार की कोई शंका नही हैं। लेने से इंकार करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।