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मां पूर्णागिरि मेले में दो माह बाकी लेकिन शुरू नहीं हुआ मरम्मत काम
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मां पूर्णागिरि धाम को जाने वाला क्षतिग्रस्त पैदल रास्ता। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। होली बाद 19 मार्च से होने वाले मां पूर्णागिरि धाम के मेले के लिए प्रशासन की तैयारी धीमी है। क्षतिग्रस्त रास्ते और पेयजल लाइनों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका है। इस पर मां पूर्णागिरि धाम की मंदिर समिति ने नाराजगी जताई है। समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने मेले में तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है।
मां पूर्णागिरि धाम के सरकारी मेले की अवधि कोविड के मद्देनजर अभी तय नहीं की गई है, लेकिन आमतौर पर ये मेला होली के बाद होता है। 19 मार्च से मेला शुरू होने की संभावना है। विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित होने से दो दिन पहले छह जनवरी को यहां डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेले की सभी व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने की हिदायत दी गई थी। सबसे ज्यादा दिक्कत अक्तूबर में हुई बारिश से क्षतिग्रस्त रास्तों और टूटी पेयजल लाइनों की मरम्मत की थी।
भैरो मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच कई जगह पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हैं। पेयजल लाइनों की हालत और भी खराब है। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि दोनों विभागों के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया है। इसके चलते काम में देरी होने की आशंका है। समिति ने प्रशासन से अविलंब विभागीय अधिकारियों को मौका मुआयना कर काम शुरू करवाने के निर्देश देने का आग्रह किया है। उधर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता से काम शुरू कराने के लिए कहा गया है।
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मां पूर्णागिरि धाम के सरकारी मेले की अवधि कोविड के मद्देनजर अभी तय नहीं की गई है, लेकिन आमतौर पर ये मेला होली के बाद होता है। 19 मार्च से मेला शुरू होने की संभावना है। विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित होने से दो दिन पहले छह जनवरी को यहां डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेले की सभी व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने की हिदायत दी गई थी। सबसे ज्यादा दिक्कत अक्तूबर में हुई बारिश से क्षतिग्रस्त रास्तों और टूटी पेयजल लाइनों की मरम्मत की थी।
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भैरो मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच कई जगह पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हैं। पेयजल लाइनों की हालत और भी खराब है। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि दोनों विभागों के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया है। इसके चलते काम में देरी होने की आशंका है। समिति ने प्रशासन से अविलंब विभागीय अधिकारियों को मौका मुआयना कर काम शुरू करवाने के निर्देश देने का आग्रह किया है। उधर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता से काम शुरू कराने के लिए कहा गया है।
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