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सर्जन हैं पर ऑपरेशन टेबल नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 08 Sep 2015 10:18 PM IST
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जिला अस्पताल में अनुभवी सर्जन डा.आरपी खंडूरी की तैनाती है, लेकिन उनकी मौजूदगी का लाभ लेने के लिए ऑपरेशन के उपकरण नहीं है। यहां तक कि ऑपरेशन टेबल का भी अस्पताल को इंतजार है। इस वजह से यहां ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। मंगलवार को खुद जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी अस्पताल की इस बदहाली से रूबरू हुए। औचक मुआयने में चार डॉक्टर भी बगैर अवकाश के गायब मिले।
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मंगलवार को डीएम ने जिला अस्पताल का औचक मुआयना किया। डा.सुषमा, डा.राजीव पाल, डा.आरके सुंदरियाल और डा.एचसी त्रिपाठी गैर हाजिर मिले। ऑपरेशन थियेटर में न टेबल न उपकरण न कोई तकनीकी स्टाफ तैनात है। स्वच्छ भारत अभियान के बीच अस्पताल के शौचालयों की हालत भी ठीक नहीं मिली। बकौल डीएम अस्पताल में पानी तो था, लेकिन शौचालयों की साफ-सफाई ठीक नहीं थी।
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एमएस डा.एसबी ओली और जेडी डा.आरके जोशी ने बताया कि सफाई कर्मियों की कमी की वजह से सफाई में दिक्कत हो रही है। वाहन चालक सहित स्वच्छक आदि के पदों की आउटसोर्सिंग से तैनाती प्रस्तावित है, लेकिन बजट नहीं मिलने से ये तैनाती नहीं हो सकी है। इस वक्त यहां तीन स्वच्छक इधर-उधर से संबद्ध किए गए हैं, लेकिन दो सफाई कर्मी अवकाश पर हैं। सफाई का काम अकेले सफाई कर्मी पर है। डीएम श्री चौधरी ने कहा कि गैर हाजिर डॉक्टरों पर कार्रवाई की संस्तुति सहित विभिन्न बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। मुआयने में एसडीएम अशोक कुमार जोशी, सीडीओ श्याम सुंदर पांगती भी शामिल थे।
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मरीजों को गच्चा दे रहे डाक्टर!
जिले के दो बड़े अस्पतालों के लिए एक रेडियोलॉजिस्ट डा.एचसी त्रिपाठी तैनात हैं। चंपावत में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट को सप्ताह में तीन दिन (सोमवार से बुधवार तक) टनकपुर संयुक्त अस्पताल संबद्ध किया गया है। शेष तीन दिन जिला अस्पताल में ड्यूटी देनी होती है। मंगलवार को डीएम के औचक मुआयने में वे यहां तो नदारद मिले ही, टनकपुर भी गैर हाजिर मिले। डीएम ने टनकपुर के एसडीएम नरेश दुर्गापाल को मोबाइल से अस्पताल के मुआयने के निर्देश दिए। एसडीएम के मुआयने पर डा.त्रिपाठी नहीं मिले। ऐसे में आरोप यह भी लग रहे कि दो जगहों की जिम्मेदारी के बहाने डॉक्टर दोनों स्थानों पर गायब हो मरीजों के साथ धोखा कर रहे हैं।
जिला अस्पताल में ड्यूटी करेंगे सीएचसी के दंत चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों की कम संख्या के चलते यहां के स्टाफ को इधर-उधर किया जा सकता है। जिला अस्पताल के बाद सीएचसी पहुंचे डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने मरीजों की कम संख्या के आधार पर यहां के दांतों के डॉक्टर को जिला अस्पताल शिफ्ट करने को कहा। दो फार्मेसिस्टों में से एक को फील्ड में भेजने की भी बात कही गई। अलबत्ता यहां मुआयने में कोई कर्मी गैर हाजिर नहीं मिला।