फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   no polythene

नहीं रुक रहा पॉलिथीन का प्रयोग

Fri, 24 Feb 2017 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत। Updated Fri, 24 Feb 2017 10:37 PM IST
विज्ञापन
no polythene
कूड़ा - फोटो : अमर उजाला
 पॉलिथीन को लेकर अदालत का रवैया बेहद सख्त है बावजूद इसके पॉलिथीन का उपयोग नहीं थम रहा है। शहर ही नहीं गांवों में भी पॉलिथीन धड़ल्ले से चल रही है। वहीं, नगर पालिका, जिला पंचायत और प्रशासन भी इन पर रोक लगाने में विफल रहे हैं।
विज्ञापन

पॉलिथीन का प्रयोग पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। इसी के मद्देनजर अदालत ने भी इसके उपयोग पर रोक लगाई है। इसके बाद भी पॉलिथीन दुकानों से लेकर लोगों के हाथों तक में खूब नजर आ रही है। सब कुछ देखते हुए भी प्रशासनिक अमला आंखें मूंदे हुए हैं। बता दें कि जिला मुख्यालय में पॉलिथीन सहित प्लास्टिक की रिसाइक्लिंग के लिए कांपैक्टर मशीन भी है।
विज्ञापन

उधर, चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा और नगर पालिका के ईओ अभिनव कुमार का कहना है कि पॉलिथीन पर लगाम कसने को एक हफ्ते के भीतर वृहद अभियान चलाया जाएगा। इसको बेचने अथवा उपयोग करने वालों पर नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पॉलिथीनों से भरे हैं कूड़े के ढेर
पॉलिथीन के उपयोग का आलम यह है कि नालियों से लेकर कूड़े के ढेर तक इससे पटे पड़े हैं। नालियां चोक हैं तो कूड़े के ढेरों में पॉलिथीन बिखरे होने से गाय सहित अन्य जानवर उसे खा रहे हैं। पशु चिकित्सक डॉ. एचसी जोशी का कहना है कि पॉलिथीन को खाने से दूध देने वाले मवेशियों की सेहत और दूध देने की क्षमता प्रभावित होती है।


गांवों में भी लगेगा 5000 का जुर्माना
ग्रामीण क्षेत्रों में भी पॉलिथीन के उपयोग पर रोक है। इसे लेकर जिला पंचायत ने बाकायदा चेतावनी जारी की है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) राजेश कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में पॉलिथीन, प्लास्टिक और थर्माकोल से बनी सामग्री प्रतिबंधित रहेंगी। थैलियां या इनसे बनी किसी भी पत्तल, ग्लास, कप या पैकिंग सामग्री का उपयोग, विक्रय और भंडारण गैर कानूनी होगा। गांवों में लगने वाले मेलों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा। एएमए कुमार ने कहा कि आदेश के उल्लंघन पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड वसूला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed