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मुफ्त स्वास्थ्य जांचों के लिए चंपावत को करना होगा इंतजार
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चंपावत जिला अस्पताल में परीक्षण करते स्वास्थ्य कर्मी। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 17 अगस्त को सरकारी अस्पतालों में 207 प्रकार की स्वास्थ्य जांचों को मुफ्त करने की योजना का शुभारंभ किया।
इसके तहत जिला अस्पताल, एसडीएच से सीएचसी तक में मुफ्त जांच की सुविधा दी जाएगी। एनएचएम के सहयोग से पहले चरण में इस योजना में छह जिलों को शामिल किया गया है। चंपावत को दूसरे चरण में इस योजना का लाभ मिलेगा। इसलिए चंपावत जिले में सरकारी अस्पतालों में कोई भी जांच मुफ्त नहीं हो रही है।
यहां जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को ही पैथोलॉजी विभाग ने विभिन्न श्रेणियों की 51 जांचें कीं। इन जांचों के लिए न्यूनतम 16 रुपये से अधिकतम 663 रुपये तक का शुल्क जमा करना पड़ा। जरूरी रसायन न होने के कारण छतार से आए विक्रम सिंह और जागृति के यूरिक टेस्ट नहीं हो पाए।
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पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि दूसरे चरण में चंपावत जिले में मुफ्त स्वास्थ्य जांच सुविधा मिलेगी। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में चंदन हेल्थ केयर लिमिटेड लखनऊ की टीम को जगह दिलाई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जिले में भी यह मुफ्त जांच योजना शुरू हो जाएगी।
गांवों के अस्पतालों को नहीं होगा लाभ
चंपावत। सरकारी अस्पतालों में 207 तरह की जांचों को मुफ्त में कराने की घोषणा की गई है, लेकिन इसका लाभ बड़े अस्पतालों को ही मिलेगा। इस कारण जिले के करीब 80 प्रतिशत अस्पतालों को इस सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा।
जिले के कुल 23 अस्पतालों में से 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जहां निशुल्क जांच तो दूर, रुपये देकर भी जांच की कोई सुविधा नहीं है। इनमें पाटी, बाराकोट, रीठा साहिब, देवीधुरा, पुलहिंडोला, बनबसा, तामली जैसे केंद्र भी शामिल हैं।
टनकपुर उप जिला अस्पताल में नहीं हो रहे एक्सरे
चंपावत। छोटे अस्पताल तो दूर टनकपुर उप जिला अस्पताल में ही जनवरी 2019 से एक्सरे जैसे मामूली परीक्षण की सुविधा नहीं है। इसकी वजह यहां एक्सरे तकनीशियन का न होना है।
अल्ट्रासाउंड भी सप्ताह में मात्र दो दिन लोहाघाट से संबद्ध डॉक्टर के जरिये होते हैं। इसी तरह पाटी में भी एक्सरे तकनीशियन न होने से एक्सरे के लिए निजी अस्पताल जाने की मजबूरी है।
जिले के प्रमुख अस्पतालों में 207 स्वास्थ्य जांचों को मुफ्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए चंदन हेल्थ केयर को स्थान आदि उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं टनकपुर और पाटी में तकनीशियन के खाली पदों को भरने के लिए महानिदेशालय को पत्र भेजा गया है।
- डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
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इसके तहत जिला अस्पताल, एसडीएच से सीएचसी तक में मुफ्त जांच की सुविधा दी जाएगी। एनएचएम के सहयोग से पहले चरण में इस योजना में छह जिलों को शामिल किया गया है। चंपावत को दूसरे चरण में इस योजना का लाभ मिलेगा। इसलिए चंपावत जिले में सरकारी अस्पतालों में कोई भी जांच मुफ्त नहीं हो रही है।
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यहां जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को ही पैथोलॉजी विभाग ने विभिन्न श्रेणियों की 51 जांचें कीं। इन जांचों के लिए न्यूनतम 16 रुपये से अधिकतम 663 रुपये तक का शुल्क जमा करना पड़ा। जरूरी रसायन न होने के कारण छतार से आए विक्रम सिंह और जागृति के यूरिक टेस्ट नहीं हो पाए।
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पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि दूसरे चरण में चंपावत जिले में मुफ्त स्वास्थ्य जांच सुविधा मिलेगी। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में चंदन हेल्थ केयर लिमिटेड लखनऊ की टीम को जगह दिलाई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जिले में भी यह मुफ्त जांच योजना शुरू हो जाएगी।
गांवों के अस्पतालों को नहीं होगा लाभ
चंपावत। सरकारी अस्पतालों में 207 तरह की जांचों को मुफ्त में कराने की घोषणा की गई है, लेकिन इसका लाभ बड़े अस्पतालों को ही मिलेगा। इस कारण जिले के करीब 80 प्रतिशत अस्पतालों को इस सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा।
जिले के कुल 23 अस्पतालों में से 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जहां निशुल्क जांच तो दूर, रुपये देकर भी जांच की कोई सुविधा नहीं है। इनमें पाटी, बाराकोट, रीठा साहिब, देवीधुरा, पुलहिंडोला, बनबसा, तामली जैसे केंद्र भी शामिल हैं।
टनकपुर उप जिला अस्पताल में नहीं हो रहे एक्सरे
चंपावत। छोटे अस्पताल तो दूर टनकपुर उप जिला अस्पताल में ही जनवरी 2019 से एक्सरे जैसे मामूली परीक्षण की सुविधा नहीं है। इसकी वजह यहां एक्सरे तकनीशियन का न होना है।
अल्ट्रासाउंड भी सप्ताह में मात्र दो दिन लोहाघाट से संबद्ध डॉक्टर के जरिये होते हैं। इसी तरह पाटी में भी एक्सरे तकनीशियन न होने से एक्सरे के लिए निजी अस्पताल जाने की मजबूरी है।
जिले के प्रमुख अस्पतालों में 207 स्वास्थ्य जांचों को मुफ्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए चंदन हेल्थ केयर को स्थान आदि उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं टनकपुर और पाटी में तकनीशियन के खाली पदों को भरने के लिए महानिदेशालय को पत्र भेजा गया है।
- डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।