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Champawat News: गो पालन से परिवार का भरण पोषण कर रहीं निर्मला
Sun, 24 Aug 2025 10:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 24 Aug 2025 10:25 PM IST
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निर्मला देवी। स्रोत : स्वयं
चंपावत। ग्राम सभा भिंगराड़ा की निर्मला देवी ने अल्ट्रापुअर योजना का लाभ लेकर खुद का रोजगार शुरू किया है। शीला देवी महिला स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य ने ग्रामोत्थान परियोजना की अल्ट्रापुअर योजना से 35,000 का ब्याज मुक्त ऋण लेकर कुछ साल पहले गाय पालन शुरू किया।
तकनीकी ज्ञान के साथ ही अच्छी नस्ल की गाय से प्रतिदिन 10 से 12 लीटर दूध मिल रहा है। वह 50 रुपये लीटर दूध सीधे बाजार में बेचने के साथ ही अन्य दुग्ध उत्पादों से प्रतिमाह करीब 12,000 की आमदनी कर रही हैं। इस आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। गाय पालन के बाद वह अब भैंस खरीदने की योजना बना रही हैं।
निर्मला देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। पहले वह परिवार की जिम्मेदारी पूरी करने में असहाय महसूस करती थीं, लेकिन आज वह परिवार का एक मजबूत आर्थिक सहारा बन चुकी हैं।
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कोट
सीएम पुष्कर सिंह धामी के महिला सशक्तीकरण के संकल्प का प्रत्यक्ष उदाहरण अब जनपद चंपावत के हर गांव में देखा जा सकता है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, ग्रामोत्थान परियोजना और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। - डॉ. जीएस खाती, सीडीओ
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तकनीकी ज्ञान के साथ ही अच्छी नस्ल की गाय से प्रतिदिन 10 से 12 लीटर दूध मिल रहा है। वह 50 रुपये लीटर दूध सीधे बाजार में बेचने के साथ ही अन्य दुग्ध उत्पादों से प्रतिमाह करीब 12,000 की आमदनी कर रही हैं। इस आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। गाय पालन के बाद वह अब भैंस खरीदने की योजना बना रही हैं।
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निर्मला देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। पहले वह परिवार की जिम्मेदारी पूरी करने में असहाय महसूस करती थीं, लेकिन आज वह परिवार का एक मजबूत आर्थिक सहारा बन चुकी हैं।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी के महिला सशक्तीकरण के संकल्प का प्रत्यक्ष उदाहरण अब जनपद चंपावत के हर गांव में देखा जा सकता है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, ग्रामोत्थान परियोजना और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। - डॉ. जीएस खाती, सीडीओ