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नेपाली बंदरगाह बनबसा के रास्ते जुड़ेगा भारत से
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बनबसा (चंपावत)। नेपाल में बन रहे सूखा बंदरगाह (ड्राईपोर्ट) से भारत को मिलाने वाली सड़क के निर्माण के काम में तेजी आने लगी है। इसके लिए एनएचएआई और वन विभाग के अधिकारियों ने तीन दिन पूर्व तय स्थल का संयुक्त सर्वे किया। इसकी डीपीआर बनाकर भारत सरकार को भेजी जाएगी। नेपाल के सूखा बंदरगाह को जोड़ने वाली सड़क अब गढ़ीगोठ में नए सर्वे स्थल पर बनाई जाएगी।
भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 11 के पास नेपाल के चांदनी में बनने वाले नेपाली सूखा बंदरगाह को भारत से जोड़ने के लिए बनबसा के गढ़ीगोठ से जगबूड़ा पुल के पास एनएच से मिलाया जाएगा। करीब 4.5 किमी लंबे मार्ग पर रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर और शारदा नहर पर पुल बनाया जाएगा। इसके लिए यूपी सिंचाई विभाग और रेलवे के साथ सर्वे के बाद एनएचएआई डीपीआर बनाएगी। तीन दिन पूर्व 18 फरवरी को एनएचएआई और पूर्वी तराई वन विभाग की टीम स्थलीय निरीक्षण करने मौके पर पहुंची। रेंजर आरएस मनराल ने बताया कि वन विभाग ने कम से कम पेड़ों के कटान की सिफारिश है। गढ़ीगोठ के लाटाखल्ला, भैंसाझाला के ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए करीब ढाई माह पूर्व एनएचएआई ने सड़क सर्वे का अलाइनमेंट (समरेखण) बदल दिया था। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि एनएचएआई केंद्र सरकार को डीपीआर भेजेगी, जिसके बाद सरकार ही अंतिम निर्णय लेगी। (संवाद)
मधेसी आंदोलन से बढ़ी थी इस मार्ग की महत्ता
बनबसा (चंपावत)। वर्ष 2016 में नेपाल में मधेसी आंदोलन के बाद भारतीय सीमा से नेपाल के लिए वाहनों का आवागमन ठप होने से वहां वस्तुओं का अभाव होने लगा था, लेकिन बनबसा सीमा से लगे नेपाल के कंचनपुर जिले में मधेसियों का प्रभाव न होने से इस सीमा से नेपाल को सामान की खेप पहुंचती रही। तब से ही नेपाल सरकार बनबसा सीमा पर पिलर संख्या 11 के पास सूखा बंदरगाह बनाने की पहल कर रही है। (संवाद)
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भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 11 के पास नेपाल के चांदनी में बनने वाले नेपाली सूखा बंदरगाह को भारत से जोड़ने के लिए बनबसा के गढ़ीगोठ से जगबूड़ा पुल के पास एनएच से मिलाया जाएगा। करीब 4.5 किमी लंबे मार्ग पर रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर और शारदा नहर पर पुल बनाया जाएगा। इसके लिए यूपी सिंचाई विभाग और रेलवे के साथ सर्वे के बाद एनएचएआई डीपीआर बनाएगी। तीन दिन पूर्व 18 फरवरी को एनएचएआई और पूर्वी तराई वन विभाग की टीम स्थलीय निरीक्षण करने मौके पर पहुंची। रेंजर आरएस मनराल ने बताया कि वन विभाग ने कम से कम पेड़ों के कटान की सिफारिश है। गढ़ीगोठ के लाटाखल्ला, भैंसाझाला के ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए करीब ढाई माह पूर्व एनएचएआई ने सड़क सर्वे का अलाइनमेंट (समरेखण) बदल दिया था। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि एनएचएआई केंद्र सरकार को डीपीआर भेजेगी, जिसके बाद सरकार ही अंतिम निर्णय लेगी। (संवाद)
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मधेसी आंदोलन से बढ़ी थी इस मार्ग की महत्ता
बनबसा (चंपावत)। वर्ष 2016 में नेपाल में मधेसी आंदोलन के बाद भारतीय सीमा से नेपाल के लिए वाहनों का आवागमन ठप होने से वहां वस्तुओं का अभाव होने लगा था, लेकिन बनबसा सीमा से लगे नेपाल के कंचनपुर जिले में मधेसियों का प्रभाव न होने से इस सीमा से नेपाल को सामान की खेप पहुंचती रही। तब से ही नेपाल सरकार बनबसा सीमा पर पिलर संख्या 11 के पास सूखा बंदरगाह बनाने की पहल कर रही है। (संवाद)
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