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न तहसीलदार न कार्यालय  

Thu, 08 Dec 2016 09:05 PM IST
नवल जोशी/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
नवल जोशी/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत) Updated Thu, 08 Dec 2016 09:05 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। 
2014 में बनी बाराकोट तहसील में न तो स्टाफ है और नहीं भवन। तहसील कार्यालय राजस्व निरीक्षक के कमरों से चल रहा है। वहीं प्रशासनिक काम के लिए एसडीएम और तहसीलदार भी नहीं है। और तो और स्टाफ की कमी से प्रमाणपत्र बनाने का काम प्रांतीय रक्षक दल का जवान कर रहा है।

जिले के बाराकोट को तीन साल पहले तहसील का दर्जा दिया गया। लोगों को लगा कि छोटी प्रशासनिक इकाई बनने से परेशानी कम होगी। अनावश्यक भागदौड़ बचेगी पर तहसील शुरू होने के बावजूद यहां न स्टाफ है और नहीं भवन। बुनियादी ढांचे की कमी काम में अड़चन पैदा कर रही है। 103 गांव वाली इस तहसील में न एसडीएम का पद है और नहीं तहसीलदार का। व्यवस्था का जिम्मा नायब नाजिर और रजिस्टार कानूनगो (आरके) का है। डाटा इंट्री ऑपरेटर आउटसोर्स पर है, तो प्रमाणपत्र बनाने का काम पीआरडी के जवान के हवाले है।
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12 किमी दूर लोहाघाट की तहसीलदार नीलू चावला के पास यहां का अतिरिक्त चार्ज भी है। तहसील कार्यालय के लिए भवन तक नहीं है। इस वक्त यहां का कार्यालय राजस्व निरीक्षक के कक्ष में किया जा रहा है। तहसील के लिए पांच नाली भूमि की रजिस्ट्री की जा चुकी है, लेकिन भवन नहीं बन पाया है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रजिस्टार कानूनगो, नायब नाजिर, डब्लूबीएन, डाटा इंट्री ऑपरेटर आदि पद स्वीकृत हैं, मगर इनमें से तहसीलदार, एनटी आदि के पद खाली है। एसडीएम का पद सृजित भी नहीं है। तीन साल बाद भी यह तहसील आधी-अधूरी है।
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दो साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आई गुमदेश उप तहसील
लोहाघाट (चंपावत)। दो वर्ष बाद भी गुमदेश उप तहसील का संचालन नहीं हो पाया है। उप तहसील मुख्यालय को लेकर क्षेत्रीय लोगों में एक राय नहीं बन पा रही है। कुछ लोग छीड़ाखाल तोक में उप तहसील मुख्यालय बनाने की मांग कर रहे हैं, तो कुछ लोग गुरेली में मुख्यालय बनाने के पक्ष में है। 2014 में पुल्ला-गुमदेश नाम से उप तहसील खोलने का शासनादेश हुआ था।

इसका मुख्यालय जीआईसी पुल्ला और छीड़ाखाल तोक मध्य में प्रस्तावित था। इसमें 10 पट्टी क्षेत्रों के 97 राजस्व गांवों की करीब 32886 की आबादी को शामिल किया गया था। प्रशासन की ओर से छीड़ाखाल तोक का निरीक्षण कर उसे उप तहसील मुख्यालय के लिए उपयुक्त नहीं पाया। उसके बाद प्रशासन ने गुरेली में उप तहसील मुख्यालय के लिए उपयुक्त पाकर प्रस्ताव शासन को भेज दिया। इसके बाद पुल्ला में उप तहसील मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर देवेंद्र पाटनी, नकुल पंत, आन सिंह भंडारी आदि ने डीएम और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। तब से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।



सीमांत मंच में उप तहसील का शुभारंभ आज
जिले के सीमांत मंच कस्बे में उप तहसील का शुभारंभ नौ दिसंबर को सुबह 11 बजे होगा। विधायक हेमेश खर्कवाल जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में उप तहसील का शुभारंभ करेंगे। मंच वर्तमान में जिले की एक मात्र उप तहसील होगी। राज्य सरकार की ओर से गुमदेश को भी उप तहसील बनाने की घोषणा की गई है, लेकिन अब तक वह अस्तित्व में नहीं आ पाई है, जबकि चंपावत, पूर्णागिरि, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट में पूर्ण तहसीलें हैं।
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