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न विकास की रोशनी न बल्ब का उजाला
हयात राम/अमर उजाला, श्रीरीठा साहिब (चंपावत)
Updated Sun, 16 Oct 2016 10:53 PM IST
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न विकास की रोशनी न बल्ब का उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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लधिया घाटी की बिनवालगांव ग्राम पंचायत के कलियाधुरा और गोलना तोक के लोगों की जिंदगी में न विकास की रोशनी है और न रात के अंधेरे को दूर करने के लिए बल्ब का उजाला। आजादी के 69 साल से हर बार सियासत उम्मीद जगाती है, पर ये आस हकीकत में कभी नहीं बदली। अब तंग आकर यहां के लोगों ने उपेक्षा का जवाब देने के लिए आगामी विधानसभा चुनाव को हथियार बनाने का एलान किया है।
श्रीरीठा साहिब से 20 किमी दूर कलियाधुरा और गोलना तोक से विकास न होने की मजबूरी में तीन साल में 19 लोग दूसरी जगहों में पलायन करने को मजबूर हुए हैं। लोगों को पैदल जाने में चार से पांच घंटे तक की मशक्कत करनी पड़ती है। करीब 390 की आबादी वाले दोनों तोकों में बिजली अब भी सपना है। इस वजह से यहां के लोग पढ़ने से लेकर रात में रोजमर्रा के काम के लिए केरोसिन पर आश्रित हैं। ग्रामीण रेवाधर, उप प्रधान दीपा बिनवाल, विमला परगाई, खीमानंद आदि का कहना है कि केरोसीन और लकड़ी का अधिक उपयोग करने से धुएं से आंखों की परेशानी भी बढ़ रही है।
गांव के लोगों की सरकारी सस्ता गल्ले की राशन की दुकान भी 8 किमी पैदल दूरी बिनवालगांव में हैं। किसी भी तरह के मामूली इलाज के लिए 20 किमी पैदल दूरी पर श्रीरीठा साहिब आने की मजबूरी यहां के लोगों की है। ग्राम प्रधान भावना बिनवाल और बीडीसी सदस्य तारी बिनवाल का कहना है कि समस्याओं को विभिन्न मंचों में उठाते हुए वे थक गए हैं, लेकिन अब तक कहीं से कोई हल नहीं निकला है।
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चुनाव में देंगे उपेक्षा का जवाब
लधिया घाटी के नैनीताल जिले से लगे कलियाधुरा और गोलना तोक के लोग लगातार हो रही उपेक्षा से गुस्से में हैं। बाला दत्त परगांई, हरीश खोलिया, सुरेश खोलिया, दीपक खोलिया, मोहन सिंह सहित गांव के तमाम लोगों ने बैठक कर तमाम सियासी दलों पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि चुनाव के बाद नेता इन इलाकों में आने से भी कन्नी काटते हैं। ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर उपेक्षा का करारा जवाब देने का एलान किया। वहीं लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का कहना है कि रोड और बिजली की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने लगातार आवाज उठाई है, लेकिन सरकार सियासी बदले की भावना से काम कर अड़ंगा लगा रही है।
कलियाधुरा व गोलना तोक को दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में प्रस्तावित किया गया है। योजना के लिए धन मिलने पर दोनों तोकों को विद्युतीकृत करने का काम शुरू किया जाएगा। चंपावत डिवीजन के 450 अविद्युतीकृत तोकों के लिए 80 करोड़ रुपये की डिटेलड प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजी गई है।
- राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि., चंपावत।
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श्रीरीठा साहिब से 20 किमी दूर कलियाधुरा और गोलना तोक से विकास न होने की मजबूरी में तीन साल में 19 लोग दूसरी जगहों में पलायन करने को मजबूर हुए हैं। लोगों को पैदल जाने में चार से पांच घंटे तक की मशक्कत करनी पड़ती है। करीब 390 की आबादी वाले दोनों तोकों में बिजली अब भी सपना है। इस वजह से यहां के लोग पढ़ने से लेकर रात में रोजमर्रा के काम के लिए केरोसिन पर आश्रित हैं। ग्रामीण रेवाधर, उप प्रधान दीपा बिनवाल, विमला परगाई, खीमानंद आदि का कहना है कि केरोसीन और लकड़ी का अधिक उपयोग करने से धुएं से आंखों की परेशानी भी बढ़ रही है।
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गांव के लोगों की सरकारी सस्ता गल्ले की राशन की दुकान भी 8 किमी पैदल दूरी बिनवालगांव में हैं। किसी भी तरह के मामूली इलाज के लिए 20 किमी पैदल दूरी पर श्रीरीठा साहिब आने की मजबूरी यहां के लोगों की है। ग्राम प्रधान भावना बिनवाल और बीडीसी सदस्य तारी बिनवाल का कहना है कि समस्याओं को विभिन्न मंचों में उठाते हुए वे थक गए हैं, लेकिन अब तक कहीं से कोई हल नहीं निकला है।
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चुनाव में देंगे उपेक्षा का जवाब
लधिया घाटी के नैनीताल जिले से लगे कलियाधुरा और गोलना तोक के लोग लगातार हो रही उपेक्षा से गुस्से में हैं। बाला दत्त परगांई, हरीश खोलिया, सुरेश खोलिया, दीपक खोलिया, मोहन सिंह सहित गांव के तमाम लोगों ने बैठक कर तमाम सियासी दलों पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि चुनाव के बाद नेता इन इलाकों में आने से भी कन्नी काटते हैं। ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर उपेक्षा का करारा जवाब देने का एलान किया। वहीं लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का कहना है कि रोड और बिजली की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने लगातार आवाज उठाई है, लेकिन सरकार सियासी बदले की भावना से काम कर अड़ंगा लगा रही है।
कलियाधुरा व गोलना तोक को दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में प्रस्तावित किया गया है। योजना के लिए धन मिलने पर दोनों तोकों को विद्युतीकृत करने का काम शुरू किया जाएगा। चंपावत डिवीजन के 450 अविद्युतीकृत तोकों के लिए 80 करोड़ रुपये की डिटेलड प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजी गई है।
- राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि., चंपावत।